सादड़ी पालीएफपीओ सिस्टम से किसानों की सामुहिक शक्ति बढ़ेगी और मिलेगी बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति : कैलाश चौधरीउत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में आयोजित तीन दिवसीय ‘कपिलवस्तु काला नमक चावल महोत्सव-2021’ में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि एफपीओ सिस्टम से बढ़ेगी किसानों की सामूहिक शक्तिकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में आयोजित तीन दिवसीय ‘कपिलवस्तु काला नमक चावल महोत्सव-2021’ में भाग लिया। महोत्सव में काला नमक चावल और ओडीओपी उत्पाद के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं एक जिला एक उत्पाद के तहत ‘सिद्धार्थनगर की विशेषता काला नमक चावल’ विषय पर बनाई गई लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस दौरान डुमरियागंज से भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल और सामाजिक कार्यकर्ता (एसिड अटैक सर्वाइवर) लक्ष्मी अग्रवाल मौजूद रहे। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी “एक जनपद – एक उत्पाद” योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय शिल्पों का संरक्षण और विकास करके पारंपरिक कला को बढ़ावा देना है। इस योजना के द्वारा स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के लिए प्रवासन में गिरावट आएगी। इसके द्वारा पैकेजिंग, ब्रांडिंग के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को कलात्मक तरीके से बदलकर उनकी गुणवत्ता में सुधार लाया जायेगा। कैलाश चौधरी ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना से स्थानीय कौशल भी विकसित होगा और साथ ही इन उत्पादों की बिक्री आउटलेट के माध्यम से पर्यटन के साथ जोड़कर की जाएगी तांकि अधिक से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके। केवल इतना ही नहीं ये योजना आर्थिक अंतर और क्षेत्रीय असंतुलन के मुद्दों को भी हल सहायक सिद्ध होगी। यदि यह योजना राज्य स्तर पर सफल रही तो इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लागु करने के लिए भी कार्य किया जायेगा।केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि इसी एक जिला एक उत्पाद योजना की तर्ज पर मोदी सरकार राष्ट्रीय स्तर पर एफपीओ बनवा रही है। यह लघु व सीमांत किसानों का एक समूह होगा, जिससे उससे जुड़े किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का बाजार मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा, सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी। कैलाश चौधरी ने कहा कि अगर अकेला किसान अपनी पैदावार बेचने जाता है, तो उसका मुनाफा बिचौलियों को मिलता है। एफपीओ सिस्टम में किसान को उसके उत्पाद के भाव अच्छे मिलते हैं, क्योंकि यहां बिचौलिए नहीं होंगे। इससे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ेगी।बयूरो रिपोर्ट ललित दवे