कौशाम्बी:महान युगपुरुष थे बाबा साहब डॉ अम्बेडकर- सुनील चौधरी

करारी,कौशाम्बी। कस्बे के किंग नगर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 129 वीं जयंती समारोह केक काटकर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत तथागत बुद्ध व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की छायाचित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर किया। जयंती कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को बताया। कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने बच्चों ने भी राष्ट्रगीत,बुद्ध वंदना ,कविता व बाबा साहब का जीवन परिचय बताया। अम्बेडकर जयंती पर उन्हें सभी लोगों ने नमन किया।

करारी कस्बे के किंग नगर स्थित सुनील चौधरी के आवास पर संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की 129वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जयंती कार्यक्रम में मौजूद सभी परिजनों को सम्बोधित करते हुए सुनील चौधरी ने कहा कि बाबा साहब भारतीय संविधान के निर्माता के साथ साथ आधुनिक भारत के शिल्पकार हैं। राष्ट्र के निर्माण में डा अंबेडकर की भूमिका बहुत ही सराहनीय रही है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर दलितों,पिछड़ों और मजलूमों के मसीहा के साथ साथ महिलाओं के उद्धारक भी कहे जाते हैं। बाबा साहब ने अपनी विचारधारा से समाज को नई दिशा देने की कोशिश की। सही मायने में बाबा साहब एक युग पुरुष थे। बाबा साहब ने सैवंधानिक गारंटी के साथ नागरिक स्वतंत्रताओं को सुरक्षा प्रदान की। इनमें, धार्मिक स्वतंत्रता, अस्पृश्यता का अंत और सभी प्रकार के भेदभावों को गैर कानूनी करार दिया गया। भारतीय आर्यों के सामाजिक संगठन का आधार चतुर्वर्ण व्यवस्था रही है। इस आधार पर समाज को अपने कार्य के आधार पर चार भागों में विभाजित कर रखा था। डॉ अम्बेडकर ने इस व्यवस्था को अवैज्ञानिक बताते हुए इसकी कटु आलोचना की। उनके अनुसार यह श्रम के विभाजन पर आधारित न होकर श्रमिकों के विभाजन पर आाधारित था। इसके अलावा भाजयुमो नेता राजीव रैना, काजल दिवाकर,मनीष चौधरी,संतलाल आदि ने बाबा साहब के जीवन और उनके योगदान पर विचार प्रकट किया। इस दौरान रंजना चौधरी,शिवम कनौजिया, पूजा चौधरी,शनि दिवाकर,राकेश चौधरी,नरेश चौधरी,राजेन्द्र चौधरी,डॉली चौधरी आदि सहित काफी संख्या में महिलाएं व छात्र छात्राएं मौजूद रहीं।

रिपोर्ट इन्द्रजीत गौतम