दर्जनों ईंट भठ्ठा चिमनी में पड़ा आग

जिम्मेदार कार्यवाई करने से कर रहे परहेज़- 

सरवर आलम वारसी

कुशीनगर । भारत सरकार, और सुप्रीम कोर्ट देश मे तेजी से बढ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काफी चिंतित है और इस सम्बंध मे भारत सरकार को सुप्रीमकोर्ट ने बकायदा निर्देश जारी कर सरकार और राज्य सरकारों को कडे दिशानिर्देश दे रखा हैं और इसी कडी मे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को खेतों मे पराली जलाने पर भी प्रतिवंध लगा रखा है साथ ही कडा निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि ईंट निर्माण करने वाले ईंट भठ्ठों को 2 फरवरी से पहले शुरु न किया जाय इस मामले प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दे कहा है कि वे सुनिश्चित करे कि न्यायालीय आदेश का पालन हो और कोई भी ईंट भठ्ठा 2 फरवरी के पहले शुरु न किया जा लेकिन कोर्ट और सरकार के इस दिशानिर्देश को  कसया तहसील क्षेत्र के महुआडीह नरकटिया  खरदरपुल सिसवामहनथ सहित दर्जनों  ईंट भठ्ठा स्वामियों ने अपने ईंट निर्माण करने वाली चिमनियों मे आग डाल कर चालू कर दिया है जबकि जिला प्रशासन जहाँ कारवाई करने से परहेज़ कर रहा है वही सरकार और माननीय न्यायालय के आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखा कर धन संग्रह करने लगें है ताज्जूब है जिला प्रशासन खामोश और शांत है।
बताते चले कि देश भर मे तेजी से प्रदुषण दुषित हो रहा है भारतीय प्रदुषण नियंत्रण वोर्ड ने भी सरकार को अपनी रिपोर्ट सौप कर प्रदूषण नियंत्रण करने वाले कदमों को युद्ध स्तर पर करने की सिफारिश की है इसी मामले मे उच्चतम न्यायालय ने भी केन्द्र सरकार सहित सभी राज्य सरकारों को त्वरित निर्देश देकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दे रखे हैं इसी कडी मे उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को खेतों मे पराली जलाने से भी मना कर दिया और बीते दिनों मे तमाम किसानों पर एफआईआर दर्ज करवा कर कारवाई भी की और तमाम किसानों से भारी जुर्माना भी वसुला जिसको लेकिन किसानों का एक तबका सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है चूकि इस मामले मे माननीय न्यायालय का आदेश था ।