पुर्व रंजीश के कारण एक पक्ष के लोगों ने दुशरे पक्ष के लोगों को मारपीट कर घायल किया

बेलदौर प्रखंड अंतर्गत महिनाथनगर पंचायत के गोंगी गांव निवासी गिरो यादव ने बेलदौर थाना अध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर न्याय का गुहार लगाया है। दिए गए आवेदन में वर्णित है कि गोंगी गांव निवासी दयानंद यादव का पुत्र गोपी यादव, एवं पवन यादव का पुत्र सहित सुरेश यादव का पुत्र रंजीत यादव,दयानंद यादव का पत्नी उषा देवी, गोपी यादव का पत्नी रत्ना देवी, त्रिवेणी यादव का पुत्र अरुण यादव, पवन यादव का पुत्र सतनाम यादव, योगेंद्र यादव का पुत्र पवन यादव, कुसुम लाल यादव का पुत्र संजय यादव, सुरेश यादव का पुत्र रंजय यादव ,रामधारी यादव का पुत्र सिकंदर यादव, सिकंदर यादव का पुत्र संजीव यादव, सहित 15 अज्ञातों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए आवेदन दिए हैं। आवेदन के अनुसार उक्त व्यक्तियों ने रात के लगभग 11:00 बजे हथियार के साथ आकाशवाणी फायरिंग करते हुए पिरीत ब्यक्ती के घर पर आ धमका और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज देने लगा। घर में घुसकर लूटपाट करने लगे। मना करने पर नामित सभी आरोपी पूरे परिवार को मार कर घायल कर दिया। दिए गए आवेदन में वर्णित है कि मारपीट कर जख्मी कर देने के बाद शेखर यादव सत्तो यादव ,गोपी एवं रंजीत यादव, ने दोनों कान का बाली एवं गले से सोने का चेन छीन कर भाग गए। रत्ना देवी और संतोष यादव ने नगद ₹80000 हजार रुपए ट्रंक तोड़कर लूट ले भागे। एवं उनके भाई वीरू यादव का दो भैंस भी खोलकर चला गया। जाते-जाते उन्होंने धमकी दिया कि तुम लोग को जान से मार देंगे।इस बात की सूचना सूचक ने फोन के माध्यम से बेलदौर थाना अध्यक्ष राजीव कुमार लाल को दिए। थाना अध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर सभी पीड़ित व्यक्ति को बेलदौर स्वास्थ्य उप केंद्र लाए जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक इलाज करवाने के बाद डाक्टरों ने उनमें से तीन व्यक्तियों को खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। वही गुप्त सूचना के आधार पर मालूम हुआ कि दोनों परिवारों के बीच प्रेम प्रसंग को लेकर पुरानी लड़ाई चल रहा है। जिसमें उक्त ब्यकृतीयों के उपर मामला भी दर्ज है।यह मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। वही बेलदौर थाना अध्यक्ष राजीव कुमार लाल ने बताया कि पीड़ित व्यक्तियों के द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है आवेदन के आलोक में जांच की जा रही है।दोषी व्यक्तियों पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है।