प्रयागराज:गोलियों की तड़ तड़ाहट से गूंज उठा कोटवां।

प्रयागराज:गोलियों की तड़ तड़ाहट से गूंज उठा कोटवां।

गोलियों की तड़ तड़ाहट से गूंज उठा कोटवां।

प्रयागराज से प्रयाग पांडेय की रिपोर्ट

प्रयागराज के हनुमानगंज:
थाना सरायनायत क्षेत्र के कोटवां गांव में सुनील यादव पुत्र सूर्य बलि यादव अपने घर से कुछ दूरी पर अपने मित्र के घर झूटी ताली संजय यादव के घर गए थे , सुनील जैसे ही संजय के घर से बाहर निकले कि पहले से ही सुनील को घात लगाकर मारने के लिए बैठे
जय प्रकाश उर्फ लूलूर पुत्र भाइयन, राम प्रकाश उर्फ मुंशी,पुत्र भाइयन, अमित पुत्र जमुना प्रसाद,अभिषेक पुत्र जमुना प्रसाद, सूर्य प्रकाश उर्फ सूरज पुत्र साधु(हरिशंकर) ,चंद्र प्रकाश उर्फ कुल्लू पुत्र साधु (हरिशंकर) संदीप उर्फ बबउ पुत्र हरिश्चन्द्र ,छोटू पुत्र हरिश्चन्द्र, ने सुनील पर लाठी और डण्डे से हमला कर दिए इससे पहले कि सुनील कुछ समझ पाता सभी लोगों ने मार मारकर (अधमरा) लहूलुहान कर दिया। जब इस बात की शिकायत लेकर सुनील के घर वाले आरोपी के घर गए तो जय प्रकाश उर्फ लुल्लु ने लायशंशी बंदूक से गोलियां चलना शुरू कर दिया।आनन फानन में 112 और एसओ सरायनायत को सूचना दिया गया मौके से डीएसपी फूलपुर,एसओ सरायनायत 112 फ़ोर्स के साथ पहुँचे और घायलों को उपचार और मेडिकल हेतु बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया,हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण बेली हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया जहाँ दोनो की हालत गंभीर बताई जा रही है ।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि जय प्रकाश उर्फ लूलूर पुत्र भाइयन,सूर्य प्रकाश उर्फ सूरज पुत्र साधु,हरिशंकर , अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं इनके ऊपर कई गंभीर धाराओं में थाना सराय इनायत एवं नजदीकी कई थानों में मुकदमा पंजीकृत है जिसमें जयप्रकाश उर्फ लूलूर के ऊपर लूट 420 एवं कई और गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है सूर्य प्रकाश उर्फ सूरज के ऊपर अभी 10 दिन पहले ही कोटवा में लाठियों से पीट-पीटकर गौ हत्या का भी आरोप था जिस पर मुकदमा पंजीकृत भी किया गया है इसमें भी वांछित है ।
आज की घटना का मुख्य कारण पूर्व में जयप्रकाश उर्फ लूलूर के ऊपर आपराधिक मुकदमा में समझौता करने में विफल होने के कारण हुआ जयप्रकाश उर्फ लूलूर अवैध खनन मैं भी लिप्त है।
जय प्रकाश उर्फ लुल्लु के ऊपर जिला अस्तरीय बड़े नेताओं का हाथ है होने के कारण कोई भी पुलिस कार्यवाही नही हो पाती है ।
लोगों को इस तरह से घेरकर मारने का इनका पेशा बन चुका है,इसी क्रम में 3 मार्च 2018,को अपने परिवार के ही पुष्पेंद्र यादव उर्फ नीरज को बुरी तरह से लाठी और डंडे से मारकर पैर तोड़ दिया था जिसकी आज तक विवेचना तक नही हो पाई है ,पीड़ित ब्यक्ति आज भी न्याय के लिए अदालत और थाने का चक्कर काट रहा है।

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