You are currently viewing बदायूं:कांग्रेसियों ने सरकार से मांगा जवाब किस तर्क से DA काटा जा रहा है

बदायूं :- केंद्र ने अपने 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते पर जून 2021 तक रोक लगा दी है. केंद्र के इस फैसले के बाद शनिवार को यूपी सरकार ने भी ऐसा ही कदम उठाया और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर रोक लगा दी है. अब यूपी के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक का महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा. इसको लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव ओमकार सिंह व युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद ने देश विरोधी फैसले पर आपत्ति दर्ज की उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व सचिव ओमकार सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता किस तर्क से काटा जा रहा है? जबकि इस दौर में उनपर काम का दबाव कई गुना हो गया है. दिन रात सेवा कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों का भी DA कटने का क्या औचित्य है? तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इससे बहुत कष्ट है. पेन्शन पर निर्भर लोगों को यह चोट क्यों मारी जा रही है?” उन्होंने कहा कि सरकारें अपने खर्चे कम क्यों नहीं करती हैं? इस अवसर पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि बुलेट ट्रेन और नई संसद भवन के निर्माण पर होने वाले गैर जरूरी खर्चों को क्यों नहीं रोका जाता है. “सरकारें अपने अनाप शनाप खर्चे क्यों नहीं बंद करतीं? सरकारी व्यय में 30% कटौती क्यों नहीं घोषित की जाती? सवा लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन परियोजना, 20,000 करोड़ की नई संसद भवन परियोजना जैसे गैरजरूरी खर्चों पर रोक क्यों नहीं लगती?”