You are currently viewing बिजनौर:जिसका जो काम वो अहले सियासत जाने मेरा तो पैग़ाम मौहब्बत है जहाँ तक पहुंचे-जनाब शमशाद अंसारी

संवाददाता उसमान मंसूरी

बिजनौर की शाम जनाब शमशाद अंसारी साहब वाकई एक नेकदिल इंसान है। जरूरत के समय जो इंसान दूसरे इंसान के काम आता है वहीं महान होता है। नगर पालिका परिषद बिजनौर की कमान संभालने के बाद उन्होंने हर वो वादा निभाया जो चुनाव के समय आवाम से किए। शहर की खस्ताहाल सड़कों का निर्माण, चारों तरह लाइट लगवाकर शहर को रोशन करने का काम। सही समय पर सभी सुविधाएं आवाम को मुहैया कराकर शमशाद अंसारी जी ने वाकई एक मजबूत और निडर जनप्रतिनिधि होने का सबूत दिया।
इसके अलावा हर मजलूम की आवाज़ और हर जरूरतमंद की मदद करने का जज़्बा तो उन्हें विरासत में मिला है। मौजूदा समय के हालात पर फिक्रमंद होकर जिस तरह से शमशाद अंसारी साहब ने गरीबों को भूखे नहीं सोने दिया। उम्मीद से ज्यादा अपने शहरवासियों का ख्याल रखा। वो सबके सामने है। आलोचकों को करारा जवाब देते हुए शमशाद अंसारी ने साबित कर दिया कि अगर नियत साफ को तो हर मुश्किल हालात से निपटा जा सकता है। रमज़ान के महीने में हर रोज कवारेंटाइन किए गए लोगों को इफ्तारी व अन्य सामान पहुंचाकर उन्होंने यह भी पैगाम दिया कि उनका पैगाम बस मौहब्बत ही है।