योगी जी! संकट में गरीबों के लिए कुछ ठीक ठाक नहीं

  • संकट के घड़ी में डीएसओ के रहमो करम पर छीना जा रहा गरीबो का निवाला

कुशीनगर। संकट के इस समय में कुशीनगर में बड़े स्तर पर राशन वितरण में घटतौली और ब्लैकका आरोप लग रहा है, कुछ पात्र लोग राशन न मिलने का भी आरोप लगा रहे हैं सूचना पर जिम्मेदार अधिकारी पहुँच सत्यता जानने के बाद भी कार्यवाई करने में अक्षम दिख रहे हैं।

कसया तहसील क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग में पिछले तीन दिनों से राशन वितरण को लेकर हंगामा हो रहा हैं, किसी को 5 किलो राशन कम मिलने की बात कह रहा हैं तो कोई कोटेदार द्वारा बार-बार दौड़ा कर राशन साफ न देने का आरोप लगा रहा है। संकट की इस घड़ी में बुद्ध जीवी लोग गरीबों को निःशुल्क राशन वितरण कर मानवता का मिसाल कायम कर रहे हैं तो कोटेदार सरकार से गरीबो के हक में आने वाली राशन को स्वयं डंम्प करने में मस्त हैं, आलम यह है कि विभागीय अधिकारी भी इस खेल में खेल खेल रहे हैं। उक्त ग्राम सभा के सिंकदर अली,अनरुद्ध मद्देशिया,निकेश कुमार ,प्रमोद प्रसाद ,पूरन प्रसाद,इसहाक आदि के हंगामा की सूचना पर बीते रविवार को ज्वाइन मजिस्ट्रेट कसया पहुँचे थे लोगों के अनुसार मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए राशन का तौल कराने पर 3 से 5 किलो कम मिला कुछ समय रुकने के उपरांत मजिस्ट्रेट चले गए। गरीबो का हक छिनने वाले मानवता के दुश्मन पर दर्जनों पात्र लोगों का राशन न मिलने का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियों और हंगामा मजिस्ट्रेट साहब के जाने के बाद दब गई। सवाल है कि क्या इस संकट में लागू लाकडाउन के बीच यह गरीब परिवार जो एक रात में सोते समय सरकार द्वारा मिलने वाली राशन का दिन गिनता हैं वह अब किससे शिकायत करके अपना हक कोटेदार से ले? चर्चा यह भी हैं कि कोटेदार जिला पूर्ति अधिकारी कुशीनगर के काफी करीबी हैं और उन्ही के रहम करम पर कोटेदार अपनी घटतौली और ब्लैकमेली करने में शासन के मंशा को खूंटी पर टाँग दिया हैं। मजिस्ट्रेट साहब भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी को निर्वहन करने में दो दिन बाद भी पूरी तरह अक्षम दिख रहे हैं, इधर साहब का आना और चला जाना कुछ बिचौलियों का कमाई का एक जरिया बन गया जानकारो के अनुसार कोटेदार को बचाने के नाम पर एक बोरी गेहूं और एक बोरी चावल ले जाते देखा गया। राशन के लिए ग्राम सभा के लोगों के व्याप्त आक्रोश ऐसा भी नहीं है कि जिला पूर्ति अधिकारी को नहीं पता हैं कहा जाता है कि पता भी है और उनके ही देख रेख में संकट के समय भी घटतौली की यह धाँधली समेत अन्य अनियमितता सुचारू रूप से चल रहा है। चर्चा यह भी हैं कि क्या ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया के सामने कोटेदार को कार्यवाई से जिला पूर्ति अधिकारी बचा पाएगा या नहीं ? कुल मिलाकर जिले की सिस्टम पर नजर डाला जाए तो जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यशैली पहले से ठीक नहीं हैं, और अब संकट के इस समय गरीबों के निवाले भी उनके रहमो करम पर कोटेदार द्वारा छीना जा रहा है। ऐसे में डीएम साहब को संज्ञान लेना चाहिए। जिला पूर्ति अधिकारी कुशीनगर ने बताया कि मामलें में मैं अभी बात कर सप्लाई इंस्पेक्टर से जांच करा कर कार्यवाई करा रहा हूँ।