रामायण देखने से भी होगा कोरोना पर नियंत्रक – प्रोफेसर अमित गौड़

रामायण देखने से भी होगा कोरोना पर नियंत्रक – प्रोफेसर अमित गौड़

बुलंदशहर। नगर के डीएम रोड पर रहने वाले तथा सरदार पटेल डिग्री कॉलेज में एजुकेशन पढ़ाने वाले ऑफिसर अमित गौड़ रामायण देखने से इतने प्रभावित हुए हैं कि उन्होंने लोगों को कोरोना से बचाव करने का एक उचित उपाय बताया है जिसमें उन्होंने कहा है कि रामायण को देखने से भी कोरोना को नियंत्रण किया जा सकता है। क्योंकि लोग रामायण देखने के लिए इंतजार करते रहते हैं जिसके कारण वह घर से बाहर नहीं जाते हैं और घर में ही बैठे रहते हैं बाहर ना जाने पर और घर में ही रामायण देखने से कोरोना पर नियंत्रण निश्चित है। सरकार यू ही रामायण नही दिखा रही किष्किन्धा काण्ड मे बाली वध मे राजा के कर्तव्य एवं दंड का वर्णन भी किया है। जहा एक और राजा को दया का सागर बताया है। वही उसे दंड देते समय धीर, गम्भीर और कठोर होने की बात कही है। यदि कोई अपने सामाजिक और नैतिक कर्तव्य के प्रति गम्भीर होकर पालन ना करे , तो राजा का कर्तव्य है उसे दंड देना जिससे वह न्याय एवं नीति के मार्ग का अनुसरण करे अन्यथा मनु स्मृति के अनुसार उसका दंड राजा को स्वयं भोगना पड्ता है जो महा विनाशक स्तिथि कह्लती है। कोरोना पर सरकार का प्रयास नीति सम्मत है जो राम द्वारा बाली को दंड वानर होने पर भी अपने कर्तव्यों मे की जा रही त्रुटी के लिये दिया गया।आज अपने आप को सबसे सभ्य जाति कहने वाली मनुष्य प्रजाति को अपने कर्तव्यों का बोध नही है, अपने अधिकार चाहते है, यदि कभी भी अधिकार की अपेछ्या रखने वालो से केवल उनके कर्तव्यो के बारे मे पूछ लिया जाये तो सम्पुर्ण भारत के आधे केस स्वतः ही समाप्त हो जायेगे।
Corona वायरस वास्तव मे न्यायपालिका के दायित्व निर्वहन के बारे मे कम पूछताछ की ओर संकेत कर रहा है। समाज मे यदि प्रति एक मानव अपने कर्तव्य का निर्वाहन सही से करे कथा ज्यादा से ज्यादा समय घर में बताएं घर से बाहर अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही जाएं घर में रहेंगे सुरक्षित रहेंगे रामायण देखने में घर पर बोर नहीं होंगे उनके चरित्र में ढल जाएंगे व्यवहार आपका अच्छा हो जाएगा।