सन्त उमाकान्तजी महाराज  बाबा जयगुरुदेव आश्रम   उज्जैन ( मप्र)

10.4.2020
सन्त उमाकान्तजी महाराज
बाबा जयगुरुदेव आश्रम
उज्जैन ( मप्र)

कुदरत है तैयार खड़ी, आगे तबाही बड़ी-बड़ी – सन्त उमाकान्त जी महाराज

शाकाहारिता के माध्यम से देशकल्याण और जनकल्याण की अलख जगाने वाले पूज्य संत उमाकान्त जी महाराज ने देश की जनता से अपील की है कि कुदरत न्याय के मंच पर आ रही है , अब तक तो उतना ध्यान नही दिया लेकिन अब सज़ा देने जा रही
है । इसलिए हमको सारे देश की जनता से कहना है कि सभी लोग शाकाहारी हो जाये, जीवों पर रहम करें, दया करें, नही तो उनके पापों से दब जाएंगे । कर्मो से किसी को छुटकारा नही मिला, कर्मफल तो सबकों भोगना ही पड़ता है । कुछ कर्म पिछले जन्म के होते है कुछ ऐसे बन जाते है तो कर्म के बंधन में सबको बंधना पड़ता है ।

कोरोना से बचना है तो शाकाहारी रहना है

महाराज जी ने कहा कि जिस कोरोना रोग ने दुनियां में कोहराम मचा रखा है । तो इससे बचने के लिए सभी लोग शाकाहारी, सदाचारी, नशामुक्त हो जाये अर्थात अंडा, मांस, मछली शराब और सभी तरह के नशे को छोड़ दे ।विदेश में बेहद लोग मर रहे है कब्रिस्तान में जगह नही है तो सामूहिक रुप से लोगों को गाढ़ा जा रहा है तो आप सोचो कि जब लाशें सड़ेंगी तो हवा ज़हरीली हो जाएगी । तब सोचो क्या
होगा । इसलिए बीमारियों, महामारियों से अगर बचना है तो शाकाहारी रहना हैं ।

सन्त होते है सर्वशक्तिमान,
बचा सकते है जान

महाराज जी ने बताया कि कर्मों के बंधन से कोई बच नहीं सकता लेकिन लेकिन इसको कम -ज़्यादा कौन कर सकता है तो इसका पावर केवल संतों के पास होता है इसलिए संतो का स्थान सबसे ऊंचा होता है ।वो कर्म काट सकते हैं कटवा सकते हैं, ले सकते हैं । इसलिए दुनियां भर के सत्संगियों से कहा जा रहा है कि आलस्य छोड़ कर ध्यान,भजन, सुमिरन में लग जाओ तो इससे कर्म कटेंगें । तो आप लोग इसमें लग जाओ ।

जयगुरुदेव
धन्यवाद