महामारी में भी नही संचालित हो सका 100 बेड का तैयार अस्पताल

महामारी में भी नही संचालित हो सका 100 बेड का तैयार अस्पताल

प्रमोद यादव ब्यूरो सुल्तानपुर
यूपी फाइट टाइम्स
सुल्तानपुर जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र जयसिंहपुर के अंतर्गत बिरसिंहपुर में निर्मित 100 बेड का अस्पताल उद्घाटन की बाट जोह रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा अस्पताल को जल्द चालू करने का दावा किया जा रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए इस अस्पताल का निर्माण कार्य अगस्त 2014 में शुरू किया गया। राजकीय निर्माण निगम को दो साल के भीतर 27 करोड़ की लागत से बनने वाले इस अस्पताल को बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कार्यदायी संस्था निश्चित समयावधि के भीतर भवन का निर्माण पूरा नहीं कर सकी। अस्पताल के अस्तित्व में आने से वनी, शेरखानपुर, सैलखा, महुआरी आशापुर, हड़ई, मुरैनी, सराय सहावन, व्यासपुर, अर्जुनाईपुर, किसनागरपुर, सेमरी जयसिंहपुर, गोसैसिंहपुर, बिरसिंहपुर समेत अन्य गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय इलाज के लिए जाने से राहत मिलेगी। इस अस्पताल में मरीजों के लिए इमरजेंसी, आईसीयू, ओपीडी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य सुविधाएं मौजूद होंगी।
अक्टूबर 2020 कोरोना महामारी के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी,व पुलिस अधीक्षक जी द्वारा इस अस्पताल का निरीक्षण करते हुए अस्पताल को कोरोना मरीजो के लिए L2 अस्पताल बनाये जाने की बात कही गयी थी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को निर्देशित किया था कि चिकित्सालय भवन में जो भी कमियां हैं उसे एक सप्ताह में पूर्ण करते हुए साफ-सफाई कराकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भवन हस्तांतरण (हैण्डओवर) करना सुनिश्चित करें।ऐसे में आज देश मे कोरोना की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है,मरीजो को एक तरफ जहां बेड तक नही मिल पा रहे वही यह 100 बेड का अस्पताल केवल नमूना बनकर रह गया है।हमारे संवाददाता ने मौके पर रिपोर्टिंग के दौरान वर्तमान जिला चिकित्सा अधिकारी से फ़ोन पर स्थिति के बारे में जानकारी ली तो चिकित्सा अधिकारी सुल्तानपुर ने अस्पताल के हैंडओवर नही होने की बात कही और साथ ही साथ मैनपॉवर न होने का हवाला दिया। साल भर का समय बीत जाने के बाद जिला अधिकारी के आदेश को नजर अंदाज करते हुए,आज तक अस्पताल की सुध लेने की किसी ने जहमत नही उठायी।

कही सियाशत का शिकार तो नही बन रहा अस्पताल

सूत्रों की माने तो यह अस्पताल सियाशत का शिकार हो रहा है।दरअसल यह अस्पताल 2014 में तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में स्थानीय विधायक द्वारा प्रयास करके क्षेत्र की जनता के लिए लाया गया था।जो बनकर तैयार हो चुका है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा कि वर्तमान में भाजपा सरकार होने की वजह से यह अस्पताल सियाशत की दंश झेल रहा है।
स्थानीय जनता का कहना है कि यह अस्पताल उत्तर प्रदेश के सरकार के राजकोष से आये धन से बना है,इसमे किसी भी पार्टी का कोई आर्थिक योगदान नही है।ऐसे में यदि अस्पताल पर इस महामारी के दौरान राजनीति की जा रही है तो जनता के साथ अन्याय है।