ब्लैक खेल में सरकार दर्शक,100 रुपए से ज्यादा लेकर सिलेंडर कर रहे ‘ब्लैक’

ब्लैक खेल में सरकार दर्शक,100 रुपए से ज्यादा लेकर सिलेंडर कर रहे ‘ब्लैक’

रिपोर्ट – नितिन शुक्ला

गोंडा,बभनजोत। केंद्र सरकार रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए चाहे कितने कड़े नियम क्यों न बना लें। ब्लैक के खेल में सरकार के साथ ही उपभोक्ता पर भारी पड़ते हैं। कहीं पर अवैध रूप से छोटे गैस सिलेंडर तो कहीं पर कार में गैस भरने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। गैस वितरकों के साथ ही गैस कंपनियों के अधिकारियों का भी मानना है कि कहीं न कहीं झोल तो है।वर्तमान में घरेलू सिलेंडर आसानी से 880रुपये में मिल रहा है।
पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडरों की संख्या सीमित करने के साथ ही बगैर सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या भी सीमित कर दी। माना जा रहा था कि ऐसा होने पर रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी। नये नियमों के बाद कालाबाजारियों की पौ बारह हो गई है। गैस एजेंसी पर जो सब्सिडी वाला सिलेंडर 880 रुपये का मिलता है वह कालाबाजारियों के माध्यम से खुले बाजार में 1000 से 1100 में बिक रहे हैं। इनका उपयोग होटलों, ढाबों एवं कारों में किया जा रहा है। हर गली में घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग होते देखा जा सकता है।

  • पुलिस की मिलीभगत से चल रहा रिफलिंग का धंधा

जिले में घरेलू गैस सिलेंडर से छोटे गैस सिलेंडरों में गैस भरने का धंधा भी तेजी से चल रहा है। स्थिति यह है कि बाजारों के साथ ही रिहायशी क्षेत्रों में भी यह धंधा तेजी से फल फूल रहा है। अवैध रूप से रिफलिंग करने वाले एक किलो गैस वह भी तराजू पर तोलकर 120 रुपये किलो तक बेच रहे हैं। बभनजोत ब्लॉक हथियागढ़ न्यायपंचायत व अन्य क्षेत्रों में इस काम को करने वालों की संख्या अधिक है।

  • क्या कहते हैं गैस एजेंसी मालिक
    कि पिछले कुछ दिनों से कालाबाजारी पर रोक लगाने का प्रयास तो किया गया है। वह यह भी स्वीकार करते हैं कि कुछ एजेंसी वाले भी �