16 करोड़ का एक इंजेक्शन, नई बीमारी की हिंदुस्तान में दस्तक-बाबा उमाकान्त जी महाराज

जय गुरु देवरायगढ़, छत्तीसगढ़ (म.प्र)*16 करोड़ का एक इंजेक्शन, नई बीमारी की हिंदुस्तान में दस्तक-बाबा उमाकान्त जी महाराज*जीव हत्या बंद करने की प्रार्थना करने वाले उज्जैन के पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 19 फरवरी 2021 को रायगढ़, छत्तीसगढ़ में सत्संग सुनाते हुए देश-दुनिया के लोगों को संदेश देते हुए बताया कि कोरोना आया, बड़े-बड़े लोगों के दिमाग फेल हो गये। परिवार वाले ही दुश्मन हो गए। नजदीक कोई नहीं जाते थे। मुंह नहीं देखना कोई पसंद करते थे। अच्छे-अच्छे लोगों को कोरोना हो गया। *कर्मों की सजा जब मिलती है तब बचत नहीं हो पाती*जैसा मैंने बताया कि कर्मों की सजा जब मिलती है तब बचत नहीं हो पाती। यह बात तो बहुत पहले बताई गई थी कि जब तक दवा खोजेंगे तब तक बहुत लोग मर जाएंगे।*2-3 साल पहले ही कोरोना जैसी बीमारियों के आने के बारे में बताया था, आप कैसिटों को उठा कर देख लो*महाराज जी ने कहा कि कैसिटों को उठा कर आप लोग देख लो लेकिन उस समय लोगों की समझ में नहीं आ रहा था। अब धीरे-धीरे समझ में आने लगा है। लेकिन भूलने की आदत, फिर भूलने लग गए, फिर वही करने लग गए। उस समय तो बंद कर दिए थे – मांस खाना,अंडा खाना, मुर्गा खाना – बंद कर दिए थे लेकिन अब फिर चालू हो गया। आप को समझने की जरूरत है। *अगर शाकाहारी लोग नहीं हुए तो बीमारियों से बच नहीं पाएंगे*अगर परहेज नहीं किया गया, शाकाहारी नशामुक्त लोगों को नहीं बनाया जाएगा तो अभी आपने बीमारियों को देखा कहां है।? ऐसी-ऐसी बीमारियां आ गई है हिंदुस्तान में, जिसकी दवा इतनी कीमती है। आप बहुत से लोगों ने करोड़ों देखे नहीं होगें। 16-16 करोड़ रुपए का एक इंजेक्शन है जान बचाने वाला। यह भी गारंटी नहीं है कि जान इससे बच ही जाएगी।ऐसा रोग हिंदुस्तान में आ गया है, दस्तक दे दिया है। डॉक्टर कहते हैं कि 16 करोड़ का एक इंजेक्शन है। बाहर से मंगाना पड़ेगा और 6 करोड़ का खर्चा आएगा उस इंजेक्शन को अंदर डालने में। तो मरीज 22 करोड़ रुपए कहां से आएगा? 22 लाख भी आप लोग, बहुत सारे बेचारे लोग नहीं देखे होगे। गांव के आदमी, गरीब आदमी 22 करोड़ कहां ला पाओगे? किस की जान बचा पाओगे? और जहां तक सुरक्षा की जिम्मेदारी देश के, प्रदेश के जिम्मेदारों के पास है, उनके पास खजाना भी है। जब कई लोगों को यह रोग हो जायेगा तो खजाने सब खाली हो जाएंगे रोग के बचाने में ही।*जीव हत्या जब तक बंद नहीं होगी तब तक तकलीफें दूर नहीं हो सकती*इसलिए इस बात को समझने की जरूरत है कि जब तक जीव हत्या बंद नहीं होगी, जब तक उनके मरने का, सड़ने का प्रदूषण खत्म नहीं होगा, जब तक इस धरती पर खून का गिरना-बहना बंद नहीं होगा तब तक तकलीफ दूर नहीं हो सकती। नोट कर लो 19 फरवरी 2021 की आज की तारीख।कुंजारा, लैलूंगा, रायगढ़, छत्तीसगढ़जय गुरु देव*परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम उज्जैन मध्य प्रदेश भारत*