भारत की GDP में आई 23.9 फीसदी गिरावट, कोरोना और लॉकडाउन का पड़ा सकल घरेलू उत्पाद पर असर

जहां एक तरफ कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है तो वहीं दूसरी और भारत के सकल घरेलू उत्पाद में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. दरअसल, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही जीडीपी में करीब 23.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. यह पिछले 40 सालों में सबसे खराब गिरावट दर्ज की गई है. सोमवार को सरकार की ओर से जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए. 21 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय सहायता के बावजूद कोरोना वायरस महामारी की वजह से कारोबार और आम इंसान पर भारी असर पड़ा.

बता दें कि इसकी तुलना में पिछली तिमाही में जीडीपी में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी. 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी. कोरोना संकट के दौरान अप्रैल-मई महीनों में कई हफ़्तों तक बंद रही इन फैक्टरियों की वजह से करोड़ों मज़दूर बेरोज़गार हुए. अब सांख्यिकी मंत्रालय ने अपने ताज़ा आंकलन रिपोर्ट में कहा है की लॉकडाऊन की वजह से आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ गयीं जिस वजह से इस साल अप्रैल से जून की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित 23.9% सिकुड़ गयी. 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर 5.2% थी.