36 घन्टे बाद भी लुटेरे पुलिस गिरफ्त से दूर

  • गैस एजेंसी से तीन लाख की हुई थी लूट,पुलिस की उड़ी नींद

कुशीनगर। मंगलवार को हुई तीन लाख की लूट में 36 घण्टे बाद भी पुलिस गैस एजेंसी के मुनीब से पूछताछ में ही लगी हैं। लाकडाउन में एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों द्वारा तीन लाख की लूट की घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की नींद उड़ गई हैं।

        उल्लेखनीय हैं कि कसया थाना क्षेत्र के कसया पड़रौना बाईपास पर स्थित क्रांति गैस एजेंसी से मंगलवार को दिनदहाड़े  गैस एजेंसी के मुनीब से 368 गैस सिलेंडर का हिसाब मिलाने के दौरान पहुँचे तीन अज्ञात बदमाशों ने कसया पुलिस को नींद से जगा दिया और तीन लाख रुपये लेकर फरार हो गए। लाकडाउन में जहां सभी थाना क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात हैं किसी व्यक्ति को आने और जाने में पुलिस के सवालों का जवाब देना पड़ रहा है वही तीन बदमाश एक ही बाइक से तीन लाख की लूट कर चले जाते हैं और पुलिस सोई रह रहती हैं। क्योंकि कसया थाने में तैनात इंस्पेक्टर अपने हनक में रहते हैं इनके विरुद्ध डीआईजी और पुलिस कप्तान से भी शिकायत करने पर सुना जस्ता हैं कि कोई असर दायक नही होता हैं। वैसे भी फोनी सूचना किसी से लेना पसंद भी नहीं करते हैं इस्पेक्टर साहब अपने एक अंदाज में रहते हैं । अब देखना है कि इस लूट की घटना का जिम्मेदार कौन हैं यह तो पुलिस कप्तान के ही तय करेंगे लेकिन इतना जरूर सुना जा रहा हैं कि कसया पुलिस की गहरी नींद ही हैं जो दिनदहाड़े इतनी बड़ी लूट की घटना को बदमाश बड़ी ही दृढ़ता से अंजाम दिए हैं ।घटने के बाद कसया सीओ नितेश प्रताप सिंह दल बल के साथ पहुँचे और आवश्यक जानकारी जुटाई । लूट होने के बाद सुना जा रहा है कि इंस्पेक्टर साहब की नींद उड़ गई हैं और इस घटना को नया मोड़ देने में लगे हैं चर्चा यह भी है कि गैस एजेंसी के मुनीब से लगातार 36 घण्टे से पूछताछ की जा रही हैं। लोगों का मोबाईल नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने के बाद साहब चैन नींद लेते थे इन्हें मोबाईल से किसी भी प्रकार की सूचना लेना नियम विरुद्ध था। लेकिन अब तीन लाख रुपये की लूट ने इन्हें फील्ड में बुला लिया। जाना जाता हैं कि इंस्पेक्टर कसया जबसे इस थाने की कमान संभाले हैं तब से आज तक रात्रि गस्त करना उचित नहीं समझे ज्यादा तर उपनिरीक्षको को गाड़ी देकर उन्हें ही यह जिम्मेदारी देकर स्वयं मुक्त हो जाते हैं। ऐसे में सबकी नजर इस लूट के पर्दाफाश पर पड़ी हैं कि कब साहब इसका खुलासा करेंगे। थानाध्यक्ष कसया अनुज कुमार सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो फोन काट दिए।