सुरहिया देवर व लाल नगर में 360 घरो को  व  लालाजोत में 300 घरों को कटान से बचाया गया।

संवाददाता राधेश्याम गुप्ता

  • कटान वाले स्थानों पर कटान को रोकने हेतु युद्ध स्तर पर किया जा रहा है कार्य
  • बाढ़ के सम्बंध में किए गए प्रशासन के कार्य
  • दिनांक 1 अगस्त को बाढ़ खण्ड बलरामपुर द्वारा उतरौला तथा बलरामपुर तहसील में स्थित भड़रिया तटबंध पर बम्बू क्रेट एव नायलान क्रेट में मिट्टी भरी बोरियां रखकर कटान को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे सुरहिया देवर व लालनगर गांव की करीब 300 घरों को बचाया जा सके। सभी मकान सुरक्षित हैं। इसी प्रकार बेलहा-चरनगहिया तटबंध पर मरम्मत कार्य कराकर लालाजोत ग्राम के करीब 360 घरों को सुरक्षा प्रदान की गई है। ग्राम महरी में राप्ती नदी कटान कर रही है। यहां भी कटान नियंत्रण करने के लिए कार्य कराया गया है। इसी प्रकार ग्राम परसौना, इमलिया खादर तटबंध व भोजपुर शाहपुर तटबंध पर कटान रोधी कार्य कराए गए हैं।
    उपजिलाधिकारी बलरामपुर, डा0 नागेन्द्र नाथ यादव ने बाढ़ प्रभावित ग्रामों का भ्रमण किया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित कठौआ, कोड़री, काशीपुर, बेलहा, दतरंगवा, तुरकौलिया, रेहार, कटरा शंकरनगर, दूल्हापुर, बल्लीपुर तथा भीखमपुर में नाव उपलब्ध कराई गई है। जहां आवश्यकतानुसार इनका प्रयोग किया जा रहा है।
    सदर तहसील के ग्राम सभा कल्याणपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर कटान की जद में है। सदर एसडीएम डा0 नागेन्द्र नाथ यादव ने यहां पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। वहां बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियंता श्री केेके दिवाकर के नेतृत्व में चल रहे कटान रोधी कार्य का जायजा लिया। कटान से स्कूल को बचाने के लिए अधिशासी अभियंता व उनकी टीम जुटी हुई है तथा युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम के लगभग 25 छोटे बड़े मकान प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं। मौके पर दो नाव लगी हुई थीं। जबकि एक नाव और भेजी गई है।
    उतरौला के कटान प्रभावित क्षेत्र सुरहिया देवर व अन्य ग्रामों का उपजिलाधिकारी उतरौला अरूण कुमार गौड़ ने जायजा लेकर सम्बंधित लोगों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
    उपजिलाधिकारी, तुलसीपुर श्री विनोद कुमार सिंह ने इमलिया खादर तटबंध पर ग्राम मधवानगर खादर, बरगदवा, सोहना व फरहुआ का जायजा लिया। इमलिया खाद तटबंध पर किए जा रहे कटान रोधी कार्यों का जायजा लिया।
    दिनांक 2 अगस्त को
     राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित ग्राम ढोंढ़री पर हो रही कटान को नियंत्रित करने के लिए कटान रोधी कार्य किया जा रहा है।
     बूढ़ी राप्ती के इमलिया खादर तटबंध पर मधवानगर खादर गांव के पास फ्लड फाइटिंग कार्य जारी है। राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित लालनगर के निकट हो रही कटान से तटबंध व आबादी की सुरक्षा के लिए कार्य जारी है।
    राप्ती नदी के दाएं तट पर बलरामपुर भड़रिया तटबंध के ग्राम चंदापुर के निकट कटान रोधी कार्य किया जा रहा है। सदर तहसील के ग्राम कल्याणपुर में कटान नियंत्रण का कार्य जारी रहा। राप्ती नदी के बाएं किनारे ग्राम महरी में कटान नियंत्रण के लिए कार्य किया जा रहा है।
    दिनांक 02.08.2020 को सदर उपजिलाधिकारी डा0 नागेन्द्र नाथ यादव एवं नायब तहसीलदार अंकुर यादव ने राप्ती नदी की कटान से प्रभावित ग्राम ढोढ़री का निरीक्षण किया। ग्राम के कटान प्रभावित लोगों से मुलाकात की। मौके पर चल रहे राहत कार्य का निरीक्षण किया गया। बाढ़ खण्ड द्वारा किए गए प्रयास से कटान में कुछ कमी आयी है। इस ग्राम में राप्ती नदी लगभग समकोण बनाती हुयी बहती है। इस समय राप्ती नदी ढोढ़री-कलंदरपुर संपर्क मार्ग से लगभग 20 मीटर की दूरी पर कटान कर रही है। इस ग्राम सभा में अभी तक राप्ती नदी के कटान से कोई भी मकान प्रभावित नही हुआ है। राप्ती नदी के कटान से लगभग 15-20 हे० कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है एवं लगभग 2 हे0 कृषि भूमि की फसल का नुकसान हुआ है। ढोढरी-कलंदरपुर संपर्क मार्ग के पास स्थित बिजली के खम्भे तथा ग्राम ढोढ़री में स्थित कब्रिस्तान की भूमि कटान की जद में आ सकते हैं। कटान राहत में लगे हुए कर्मियों को कटान पर सतर्क दृष्टि बनाए रखते हुए बचाव कार्य हेतु आवश्यक निर्देश दिए गये। मौके पर मौजूद राजस्व लेखपाल को कटान से प्रभावित कृषि भूमि के फसल नुकसान का आकलन कर तत्काल रिपोर्ट प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया है।
    तहसीलदार, तुलसीपुर ने बाढ़ क्षेत्र पिपरा का भ्रमण किया। इस दौरान वीरपुर, त्रिलोकपुर, धोबहा, थरूआ, गोविंदपुर व मिश्रौलिया का जायजा लिया गया। इन सभी ग्रामों में नावें तैनात हैं। पानी कम होने के कारण नावंे नहीं चलाई जा रही हैं। आवश्यकता होने पर इन नावों का इस्तेमाल किया जाएगा। ग्राम महरी में हो रहे कटानरोधी कार्य का भी उन्होंने निरीक्षण किया। तहसील तुलसीपुर में कुल 25 नावें बाढ़ राहत कार्य के लिए लगाए गए हैं। मौजूदा समय में मल्दा व कटैयाभारी में नाव का संचालन किया जा रहा है। जिसमें कुल लगभग 450 व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं।