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धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर से अलग हुए लेह-लद्दाख के विकास पर मोदी सरकार का विशेष ध्यान : कैलाश चौधरी

तीन दिवसीय लेह-लद्दाख दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने रविवार को दूसरे दिन शेर-ए कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र टुंगरी और सतारा गांव तथा कृषि विभाग कार्यालय में जाकर कृषि सम्बन्धी गतिविधियों की जानकारी ली और स्थानीय किसानों से किया संवाद

लेह-लद्दाख

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर तीन दिन के लेह-लद्दाख दौरे पर है। लेह लद्दाख प्रवास के दूसरे दिन रविवार को कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने खेती किसानी से जुड़े आईसीएआर-काजरी के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और लेह लद्दाख में जमीनी स्तर खेतों का निरीक्षण किया। कैलाश चौधरी ने इस दौरान लेह की ज़ंस्कार घाटी में स्थानीय किसानों से संवाद किया एवं फसल उत्पादन और अन्य खेती किसानी की सहायक गतिविधियों की जानकारी ली। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “उन्नत कृषि-समृद्ध किसान” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें लेह-लद्दाख के किसान भी सहभागी बन रहे हैं। इस दौरान लद्दाख सांसद व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जमयांग सेरिंग नामग्याल सहित अन्य प्रतिनिधि और कृषि अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इसके बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने लेह स्थित काजरी केंद्र, शेर-ए कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र टुंगरी और सतारा गांव तथा कृषि विभाग कार्यालय में जाकर कृषि सम्बन्धी गतिविधियों की जानकारी ली एवं उपस्थित किसानों और प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान कैलाश चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद अलग केंद्रीय शासित प्रदेश बने लेह-लद्दाख के किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार हरसंभव प्रयास और मदद कर रही है। इसके लिए आईसीएआर और काजरी के संयुक्त तत्वावधान में लेह-लद्दाख में अन्य कृषि उत्पादन के साथ बागवानी और केसर सहित फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सुगंधित फसलों की खेती के लिए यहां की जमीन और जलवायु बेहतर पाई गई है।

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने स्थानीय भाजपा कार्यालय में लद्दाख सांसद व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जमयांग सेरिंग नामग्याल के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ली और केंद्र सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि लेह-लद्दाख एक सर्द रेगिस्तान है, यहां का सूखा वातावरण खेती को और मुश्किल बना देता है। लद्दाख के ज्यादातर किसान सिंचाई के लिए बर्फ से पिघले पानी पर निर्भर हैं। इसीलिए केंद्र सरकार ने सूखे रेतीले रेगिस्तान में सफलतापूर्वक काम कर रहे आईसीएआर के काजरी संस्थान को यहां के किसानों की खेती में मदद करने की जिम्मेदारी दी है। कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जैविक खेती के संकल्प को साकार करने के लिए हम लेह लद्दाख में इसे लागू कर रहे हैं और 2025 तक इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। इसके लिए यहां पर केमिकल उपयोग करने वाले किसानों को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। अभी भी हमारी टीम गांवों में जाकर किसानों को ऑर्गेनिक खेती के सही तरीके के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम चला रही है।