देश-विदेश में जयगुरुदेव नाम पहुंचाओ मुसीबत में बुलवाओ, बोलने से फायदा मिलेगा -बाबा उमाकान्त जी महाराज

जयगुरुदेव
नई दिल्ली

देश-विदेश में जयगुरुदेव नाम पहुंचाओ मुसीबत में बुलवाओ, बोलने से फायदा मिलेगा -बाबा उमाकान्त जी महाराज

देश और दुनिया में अध्यात्म और जयगुरुदेव नाम का प्रचार करने वाले उज्जैन के पूज्य संत बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 19 अक्टूबर 2019 को दिल्ली के रामलीला मैदान में देश विदेश से पधारे लोगों से आह्वान किया कि इस जयगुरुदेव नाम को आप देश-विदेश में पहुंचाओ, मुसीबत के समय लोगों को बताओ कि इसको बोलें, बोलने से फायदा मिलेगा।

भारत देश सन्तों, ऋषि-मुनियों, पीर-पैगंबरों महापुरुषों का देश है, इनकी मर्यादा को बनाये रखो

प्रेमियों! आप लोगों की जान बचाओ। भारत देश जो ऋषि-मुनियों, पीर पैगंबरों, महापुरुषों का देश कहलाता है इसकी मर्यादा को आप बनाये रखो तो हमको आपसे यह कहना हैं

विदेशों से अध्यात्म खत्म हो रहा है वहां कोई रूहानी इबादत कराने वाले आला फ़कीर लोगों को मिले ही नहीं

महाराज जी ने बताया कि विदेशों से जो लोग आये हैं उनसे कहना है कि अपने-अपने स्तर से लोगों को सदाचारी शाकाहारी नशा मुक्त बनाओ।
विदेशों से अध्यात्म आप समझो खत्म होता जा रहा है। आप देखो जहां पर आतंकवादी इस तरह के लोग तैयार हो रहे हैं वहां कोई आध्यात्मिक शिक्षा देने वाला नहीं है, वहा रूहानी शिक्षा देने वाले मिल जाएं, रूहानी की इबादत कराने वाले मिल जाए। आप समझो जिस्मानी इबादत वाले तो मिलते हैं। नमाज तो पांचों वक्त शरीर से अदा करते हैं लेकिन रूहानी इबादत वाले नहीं मिलते हैं। रूहानी इबादत अगर होने लग जाये…

सिया राम मय सब जगजानी। करहु प्रणाम जोर जुग पानी।।

दाढ़ी, बाल, धोती और पैजामा यह कोई भी नहीं देखेगा। आप सबके रंग को गोरा और काला लोग नही देखेंगे। आत्माओं को तीसरी आंख से देखने लगेंगे तो कहेंगे भाई सबके अंदर उस मालिक की अंश है तो प्रेम करना चाहिए। जो मालिक के बंदे हैं, मालिक को मानते हैं, भगवान को मानते हैं, सबके अंदर जब उनको दिखाई पड़ेगा तो सब से प्रेम करेंगे। प्रेम सदाचार सादभाव का वातावरण पूरे विश्व में फैल जाएगा।

बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने लोगों की रक्षा के लिये “जयगुरुदेव” नाम जगाया

विश्व के जो 30 से अधिक देशों से आप लोग आए हो आपसे मैं यह निवेदन करूंगा कि आप लोग अब यहां से जाने के बाद आध्यात्मवाद का प्रचार करिए। इस समय पर जो यह जयगुरुदेव नाम हमारे गुरु महाराज ने जगा कर के लोगों के रक्षा के लिए छोड़ा है आप इसका प्रचार करिए। यह जगाया हुआ नाम है। वर्णनात्मक नाम तो अलग है। ध्वनियों के मुंह से निकलता है। वह तो मैं अभी आपको बाद में बताऊंगा। उन ध्वनियों का दर्शन करने का इसी मनुष्य शरीर में, इसी मानव मंदिर में, समझ लो देवी-देवताओं के दर्शन करने का, हूर परियों का दीदार और रूहानी निजात पाने का, इसी मानव मस्जिद में यह तो तरीका आपको मैं बताऊंगा ही।

जैसे उस समय राम, कृष्ण, वाहेगुरु, राधास्वामी नाम था ऐसे ही इस समय पर जयगुरुदेव नाम में शक्ति है

महाराज जी ने बताया कि अभी तो थोड़ा वर्णनात्मक नाम जैसे राम नाम था, कृष्ण नाम था, वाहेगुरु लोगों ने कहा, राधा स्वामी लोगों ने कहा। इसी तरह से यह जयगुरुदेव नाम गुरु महाराज ने हमारे जगाया है। गुरु महाराज मौजूद थे, प्रचार करते थे। लोगों को विश्वास नहीं होता था तो लोगों को बताते थे कि तुम परीक्षा लेकर देख लो, इम्तिहान लेकर देख लो। खूब परीक्षा लिया लोगों ने, इम्तिहान लिया। यहां तक की मौत के समय जब पीड़ा हुई, दर्द हुआ, छटपटाया, चिल्लाया रोया, प्रेमी ने कान में जयगुरुदेव जब बोला तो उनको जो तकलीफ हो रही थी वह तकलीफ दूर हो गयी। उन्होंने कहा कि यमराज के दूत जो हम को सजा दे रहे थे, वह सब हट गए। मार रहे थे, कूट रहे थे, वह जल्लाद हट गए। अब आराम से जा रहा हूं। पूरा सुकून मिल रहा है।
आप इस बात को समझो महापुरुष हमारे गुरु महाराज जी पूरे थे। वह तो चले गए उनके इस जगाये हुए नाम में अभी भी पूरी शक्ति है, अभी ताकत है।

।।जयगुरुदेव।।
परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम उज्जैन (म.प्र) भारत