जिलाधिकारी द्वारा दुकानों के खुलने वह बंद होने के समय का निर्धारण सालपुर बाजार में नहीं रखता कोई मायने

संवाददाता
शक्तिमान सोनकर
गोंडा

जिलाधिकारी द्वारा दुकानों के खुलने वह बंद होने के समय का निर्धारण सालपुर बाजार में नहीं रखता कोई मायने

— सालपुर बाजार में मनमानी समय से खोलते हैं दुकानदार अपनी दुकानें ,सब्जी आदि की दुकानें सुबह से रात 8:00 बजे के बाद तक रहती है खुली

सालपुर / गोंडा ।  जनपद में कोरोना संक्रमण रोगियो की बढ़ती हुई  संख्या के करण शासन – प्रशासन द्वारा  जारी दिशा निर्देशों को जनपद में अनुपालन कराने के लिए डीएम व एसपी ने कमर कस ली और  अपने अधीन को दिशा निर्देश भी जारी कर चुके है  वही आपदा में अवसर तलाश रहे व्यापारियों द्वारा चोरी छिपे समानों का निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य ले कर कालाबाजारी भी की जा रही है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में लॉकडॉन लगे होने के बावजूद सालपुर बाजार में किराना व सैलून आदि की दुकानों को लोग पिछले दरवाजे  खोलकर चला रहे है । स्थानीय सूत्रों के अनुसार कस्बाई बाजारों में स्थानीय पुलिस द्वारा लॉकडाउन व कोविड -19 प्रोटोकॉल का कड़ाई के साथ अनुपालन न करने के कारण किराना व्यापारी मनमाने दाम पर अपने समान को ग्राहको के हाथ चोरी छिपे बेच रहे है इससे स्थानीय पुलिस अंजान नही है ।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार अभी हाल ही में स्थानीय पुलिस द्वारा बाजार के एक किराना दुकानदार के यह से दैनिक उपयोग का कुछ समान मंगवाया गया था । दुकानदार द्वारा उक्त समान का निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लिया गया फिर क्या था पुलिस ने पुलिसिया भाषा उसे सीखना उचित समझा और उसके  दुकान खोलने के कारण उसे चौकी पर ला कर रगड़ दिया और कोविड 19 प्रोटोकॉल व लॉकडाउन   के सारे नियम और कानून उसे बता डाला । स्थानीय लोगो का  कहना था कि अब वह पुलिस वालो को महंगा समान नहीं बेचेगा क्यों कि उसे ब्याज सहित भरना पड़ा ।
वहीं सालपुर बाजार स्थित चौराहे के एक दुकानदार ने नाम छापने  की शर्त पर बतलाया कि हम लॉकडाउन में दुकान नहीं खोलना चाहते है लेकिन एक दिन एक दीवान जी  आए और मेरा शटर भड़भड़ाने लगे और कहा बाहर निकलिए, मेरे बाहर निकलने पर उन्होंने एक समान की मांग की मैने उन्हे समान दिया ।उनके द्वारा उस सामान का पैसा पूछा गया मैने बतलाया तो बोले कि चौराहे पर रात में तुम्हारा समान रखाते है  हमे छूट दो, मेरे कहने पर कि पैसा बहुत कम बताया है बोले नहीं इतना नही देंगे मैने कहा कुछ न दो कोई बात नही । फिर उन्होंने अपने हिसाब से कुछ दिया। मैने देखा भी नहीं और रख लिया  इस लॉकडाउन में तो इन लोगो से और डर लगता है कि कहीं फसा न दें । वहीं बाजार में आम लोगों द्वारा यह  चर्चाएं  करती हुई सुनी गई  कि जब सालपुर बाजार के दुकानदार आम लोगो को लूट रहे है तब इन्हें नहीं दिखाई दे रहा है और इनसे जब पैसा अधिक लेते है , बात इन पर आती है तो सारे नियम  व कानून बताने लगते है। स्थानीय लोगों ने यहां तक कह डाला कि सालपुर बाजार में जिलाधिकारी गोण्डा द्वारा दुकानों के खुलने व बंद होने के समय निर्धारण के मामले में बाजार के दुकानदार के लिए नहीं रखता है कोई मायने और स्थानीय पुलिस भी अनुपालन कराने से काट रही है किनारा । सवाल यह उठता है कि अगर जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा कोविड-19 संक्रमण फैलने से रोकने के लिए शासन व प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन नहीं कराया जाएगा तो कोरोना की चैन कैसे टूट पाएगी और गांव में बढ़ रहे संक्रमण को कैसे रोका जा सकता है ।