शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम खाओ, हमेशा एक रोटी की भूख रखकर भोजन करो -बाबा उमाकान्त जी महाराज

जयगुरुदेव

छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम खाओ, हमेशा एक रोटी की भूख रखकर भोजन करो -बाबा उमाकान्त जी महाराज

मनुष्य जीवन में लोक और परलोक दोनों बनाने का सरल रास्ता बताने वाले उज्जैन के पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 9 फरवरी 2021 को चंदन नगर छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में अपने सतसंग में लोगों को स्वस्थ रहने के उपाय बताए। महाराज जी ने कहा कि अगर आपको अपना शरीर स्वस्थ रखना है तो मांस मत खाओ और थोड़ा कम खाओ। जब ज्यादा खा लेते हो, दर्द होता है पेट में। जाते हो डॉक्टर के पास। डॉक्टर तो तुरंत पैसा जमा कराता है। वह डराने लगता है कि बस जान जाने वाली है, जल्दी करो। ऑपरेशन करना पड़ेगा। जमा करो चार लाख रुपये। अब आप चाहे जमीन बेच करके लाओ, चाहे जेवर बेचकर के लाओ, कैसे भी लाओ। जान तो बचाना ही है। अब डॉक्टर ऑपरेशन भी कर दिया तो कोई गारंटी है कि ठीक हो जाएगा? फिर बीमार पड़ोगे। दोबारा जब जाओगे फिर ऑपरेशन करेगा। तिबारा जाओगे फिर ऑपरेशन ही करेगा क्योंकि पैसा तो ऑपरेशन में ही मिलता है।

डॉक्टर 20 करोड़ रुपया ब्याज पर लेकर नर्सिंग होम खोलता है तो आपके 500 रुपये के फीस से चलेगा? वह तो हलाल करेगा ही

महाराज जी ने बताया कि भारत का संविधान जब बनाया गया था तब परिस्थितियां और थी, अब बदल गई है। अब तो बगैर पैसा दिए एडमिशन नहीं होता है। पांच साल पढ़ाई करता है, नर्सिंग होम खोलता है कर्जा लेकर तो ₹500 के फीस से 20 करोड़ का नर्सिंग होम में जो खर्चा किया उसका ब्याज भर पाएगा? तो वह तो हलाल करेगा ही करेगा। तो कम खाओगे तो हलाली कराने क्यों जाना पड़ेगा? पैसा भी दो और पेट भी फड़वाओ। तो भाई ऐसा काम क्यों करने का?

कोई गारंटी नहीं कि एक बार ऑपरेशन करा लोगे तो छुटकारा मिल ही जाएगा

महाराज जी ने बताया कि एक आदमी तो थक गया ऑपरेशन कराते-कराते। बोला डॉक्टर साहब अबकी बार फिर ऑपरेशन बता दिया आपने। तो अबकी बार ऑपरेशन करने के बाद आप सिलाई मत करना, टांका मत लगाना, चैन लगा देना या तो बटन लगा देना। क्योंकि जब आऊंगा तो फिर ऑपरेशन ही करोगे, फिर काट-पीट करोगे, फिर टांका लगाओगे, फिर मलहम पट्टी कराना पड़ेगा। तो अबकी बार आऊंगा तो बटन खोल कर के ऑपरेशन कर देना। तो कोई गारंटी नहीं है कि एक बार ऑपरेशन करा लोगे तो छुटकारा मिल जाएगा।

कम खाओ गम खाओ – ये है जीवन जीने का सूत्र

महाराज जी ने कहा कि कम खाओ तो आराम से हजम हो जाएगा, किसी डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। एक रोटी का भूख रखकर के खाओ, हमेशा हजम हो जाएगा। अब तरीके तो बहुत है हजम कराने के। गांव में तमाम तरीके बुजुर्गों के पास हैं लेकिन बैठना नहीं पसंद करते हो बच्चों। यह सब बताएंगे। गांव में कहावत है न…

खाय कै मूते सोवे बाऊँ।
काय को वैद बसावे गाऊँ।।

खाय के मूते पड़े उतान।
स्वासा आठ पेट परमान।।

32 बायें 16 दाये।
तब रस बने अन्न के खाये।।

खाने के बाद लेट जाओ, लेट करके 8 स्वास चल जाए, फिर बायें करवट ले 32 स्वांस चल जाए, फिर दाहिने करवट ले 16 स्वास चल जाए। फिर उठ पड़ो, काम पर।

बुजुर्गों के पास आजकल के लड़के और बहुवें बैठना पसन्द नहीं करते

महाराज जी ने बताया कि छोटे बच्चों को दूध पिलाती हैं माताएं तो दूध फेंकने लगते हैं। ज्यादा पी लेते हैं तो क्या करती हैं? कंधे पर पीठ थपथपा देती हैं, बस पचना शुरू हो जाता है। लेटा देती है दूध पिला करके, थोड़ा सा पेट दबाया पचने लगता है दूध। ऐसे खाने के बाद पेट के बल लेट जाओ, पीठ को थोड़ी देर दबा दो तो तुरंत पचना शुरू हो जाता है। बहुत सारी चीजें हैं लेकिन कम समय में नहीं बताया जा सकता। तो कहने का मतलब यह है कि कम खाओगे तो शरीर स्वस्थ्य रहेगा।

।।जयगुरुदेव।।
परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज उज्जैन (म.प्र)भारत