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जयगुरुदेव
रायगढ़, छत्तीसगढ़

बीमारियां,अपराध,भ्रष्टाचार,हिंसा,और क्रोध सब मांसाहार की देन है -बाबा उमाकान्त जी महाराज

देश और दुनिया में शाकाहार और जीव दया की अलख जगाने वाले वर्तमान के पूरे सन्त सतगुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 19 फरवरी 2021 को रायगढ़, छत्तीसगढ़ में अपने सतसंग सन्देश में बताया कि मनुष्य का जो खून है वह शाकाहारी है। जो चीज आप खाते हो उसका खून बनता है। मांस खाओगे तो उसका खून बनता है और शरीर के अंदर जो खून है वह शाकाहारी खून है तो दोनों आपस में तालमेल नहीं खाता और तमाम बीमारियां हो जाती हैं।

होटलों में जब ज्यादा मांस की खपत होती है तो कुत्ते का मांस काटकर खिला देते हैं

महाराज जी ने बताया कि देखो जो जानकार वैद्य है कहते हैं कि दूध और घी एक साथ मत खाना, कहते हैं कटहल और घी नहीं खाना चाहिए, घी और शहद ज़हर हो जाता है, जो जानकार है वह बताते है और जो नहीं जानकार है खा लेते हैं तो उसी से जान तक उनकी चली जाती है। ऐसे ही समझो तमाम बीमारियों का कारण यही है मांसाहार। आप यह समझो कोई रोगी जानवर है और उसको काट करके लाए और खाए तो मांस पेट के अंदर जाएगा और रोग पैदा करेगा कि नहीं करेगा। कोई टेस्ट करके मुर्गा भैंसा को लाता है कि इसके अंदर बीमारी है कि नहीं है? और होटल में खाने वाले लोग तो पूछते भी नहीं किसी से कि किस चीज का मांस है। वह तो खाते-दबाते चले जाते है। अगर तुम देख करके पता लगाने को हो तब तो देख भी सकते हो, समझ सकते हो। लेकिन जब मिर्च-मसाला लग गया उस पर तब क्या पता किस चीज का है? देखो जानवर भी सूंघते हैं। आप घोड़ा के सामने, बैल के सामने मांस डाल दो सूंघकर छोड़ देंगे। लेकिन आदमी कोई सूंघता, समझता, पूछता है? जो मिल गया खाता-दबाता चला जाता है तो रोग होगा कि नहीं होगा?

मांसाहारियो का खून ज्यादा गर्म होता है

महाराज जी ने बताया कि तरह-तरह कि बीमारियों का यही कारण है मांसाहार? इसलिए मांस मत खाओ। जो आपके मिलने-जुलने वाले परिवार के लोग हैं उनको समझाओ कि स्वस्थ रहने के लिए छोड़ दें। देखो बुद्धि खराब क्यों होती है? कहते हैं ब्लड प्रेशर हाई हो गया, खून का दौरा तेज हो गया। क्रोध कब आता है? जब खून तेज हो जाता है। कहते हैं खून खौल रहा है, नजरों के सामने से हट जाओ, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। खून क्यों गर्म होता है? इसी वजह से मांसाहारीयों का खून ज्यादा गर्म होता है। अपराध, भ्रष्टाचार यह सब क्या है? यह सब इसी की देन है। यह खून, कत्ल, क्रोध सबकी जननी है।

सन्त उमाकान्त जी महाराज जी ने रिसर्च किया कि जो बीमारिया आ रही हैं इनकी वजह शराब और मांस हैं

महाराज जी ने बताया कि मांसाहारियों को क्रोध से ज्यादा आता है। जैसे एक कमरे में 4 बैल बंद कर दो, चारा डाल दो। रात भर खाएंगे, सुबह दरवाजा खोलो आराम से निकल जाएंगे। एक कमरे में 4 कुत्ता बंद कर दो, रोटी डाल दो, रोटी भी खाएंगे, रात भर भौं-भौं करते रहेंगे। सुबह जब दरवाजा खोलोगे तो किसी का कान कटा हुआ, किसी की पूछ कटी हुई, किसी के पैर से खून बहता हुआ दिखाई पड़ेगा। क्योंकि क्रोध ज्यादा आता है। मांसाहारी हैं, नोचते हैं एक दूसरे को। इसलिए प्रेमियों कुल मिलाकर के हमने यही रिसर्च किया कि तकलीफें जो आ रही है, इन सबकी वज़ह हैं मांस और शराब तो आप इससे दूर रहो।
जयगुरुदेव
परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज उज्जैन (म.प्र) भारत