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सादड़ी पाली

.केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, दौसा सांसद जसकौर मीणा एवं विधायक अनीता भदेल ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया
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जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो फिर प्रदेश में कौन सुरक्षित है, गहलोत शासन में दलित महिलाओं पर बढ़े अत्याचार: अर्जुनराम मेघवाल
भरतपुर कलेक्टर को 40 मिनट तक 20 बार फोन करने के बावजूद भी कलेक्टर ने फोन नहीं उठाया, ना कोई सहायता की : जसकौर मीण
प्रदेश में ना बहन-बेटियां सुरक्षित हैं, ना महिला जनप्रतिनिधि सुरक्षित हैं, राज्य में अपराधियों को मिला है संरक्षण : अनीता केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने प्रदेश की गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में तीन ऐसी बड़ी घटनाऐं हुई हैं, जिनसे प्रदेश शर्मसार हुआ है। इन सभी में सबसे बड़ी घटना कल हुई, जिसमें भरतपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद रंजीता कोली जो कि कोविड कालखण्ड के दौरान अस्पताल के कार्य हेतु जा रही थी, सांसद कोटे से अस्पताल को क्या-क्या उपकरण एवं संसाधन मुहैया करवाने हैं, इसकी जानकारी लेने के लिए जा रही थी। इस दौरान बदमाशों द्वारा महिला सांसद रंजीता कोली पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे वे सदमें में हैं।
भाजपा इस घटना की बहुत ही कड़े शब्दों में निंदा करती है और राजस्थान सरकार से सवाल करती है कि जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो फिर प्रदेश में कौन सुरक्षित है। प्रदेश में सरकार का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है, अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है कि वो सांसद को ही पीट देंगे, मार भी देंगे तो कुछ नहीं होगा। इन हौंसले के साथ बदमाशों ने रंजीता कोली पर हमला किया, हमला करने के पीछे कौन-कौन थे, क्या थे, इसे लेकर सरकार ने अभी तक अपना कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है।
उसके पीछे बदनीयति झलकती है तो वो यह है कि सबसे पहले रंजीता कोली ने जो वेंटिलेटर किराये पर दिये राजस्थान सरकार ने, वह पीएम केयर्स फण्ड से आये थे, 8-10 महीनों तक उनका खोला ही नहीं और यह कहा कि पीएम केयर्स फण्ड से हैं, क्या इनके नेता राहुल गांधी यह कहते हैं कि पीएम केयर्स फण्ड से जो सामान आता है वो ठीक नहीं होता, उसी भाषा में ये हमारे राजस्थान के नेता बोलने लग गये जबकि पीएम केयर्स फण्ड से वेंटिलेटर आये हैं वो केरला, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में चल रहे हैं।
जयपुर शहर में एक दलित महिला द्वारा खाना मांगा जाता है और बदमाशों के चंगुल में फंस जाती है, कोविड काल के दौरान एम्बुलेंस में ही गैंगरेप हो जाता है और इस पर भी सरकार की कोई टिप्पणी नहीं आती है। यह सरकार कानून व्यवस्था में पूर्णतया फेल है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गये, दलितों पर अत्याचार बढ़ गये, अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ गये और कानून व्यवस्था सम्भालने वाले जो लोग हैं उनकी भी ये रक्षा नहीं कर पा रही है।
सांसद जसकौर मीणा ने कहा कि राजस्थान की सरकार, ये अंधी बहरी सरकार है और इसने जिस तरीके से आज हमारी महिलाओं पर अत्याचार किये हैं, जो इनका ढ़ाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण किया है, इस ढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में जिस तरह से अपराधों की वृद्धि हुई, महिलाओं पर अत्याचार हुए, उनकी संख्या मैं गिनाना नहीं चाहती, लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि प्रदेश में 65 प्रतिशत वृद्धि केवल महिला अत्याचारों में हुई, जिसका जीता-जागता उदाहरण है कि सांसद रंजीता कोली, जो की अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर और दौरा भी इतने महत्वपूर्ण समय में, इस कोविड काल के समय में अपनी जान को जोखिम में डालकर वो अस्पताल की व्यवस्था में अपना सहयोग करने जा रही थी उस पर जो जानलेवा हमला हुआ। मेरी अभी एक घण्टा पहले उनसे बात हुई, आज सुबह भी बात हुई अभी भी वो बहुत बड़े सदमे में हैं, क्योंकि जिस तरह से वो हमला हुआ वो हो सकता था उसकी जान भी ले लेते, लेकिन सबसे बड़े दुःख की बात है कि 40 मिनट तक 20 बार कलेक्टर को फोन करने के बावजूद भी कलेक्टर ने फोन नहीं उठाया, ना ही किसी तरह की सहायता के लिए कोई आगे आया, वो एक गाँव में पहुँची, जिस गाँव में जाने के बाद उसको थोड़ी सांत्वना हुई।
अफसोस की बात है कि जनप्रतिनिधि वो भी मेम्बर पार्लियामेंट जो भरतपुर जिले के अस्पतालों की व्यवस्था में अपना सहयोग करने के लिए घूम रही थी, ऐसा जघन्य अपराध बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। हम इसकी कड़े शब्दों में राजस्थान सरकार की निंदा करते हैं और भरतपुर का जिला प्रशासन किस तरह से अकर्मण्य हुआ कि अपने जनप्रतिनिधि पूरे भरतपुर जिले की जनप्रतिनिधि है, उसकी रक्षा करने के लिए वो एक घण्टे तक भी वहाँ नहीं पहुँच पायें।
जयपुर में 7 माह की गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप होना, ये इस धरा पर हो क्या रहा है, जहाँ राजस्थान शान्ति प्रिय प्रदेश था। उस शान्ति प्रिय, संस्कारी प्रदेश के अन्दर ही इस तरह की घटनाएं होना, ये राजस्थान की सरकार का अकर्मण्यपन है और मैं तो यहाँ तक कहूंगी कि महिलाओं के ऊपर बढ़ते हुए अत्याचार और आप ये देखिये कि अत्याचारों के बाद भी इनके कान पर जूं नहीं रेंगती।
विधायक अनीता भदेल ने कहा कि कोरोना का कुप्रबंधन कांग्रेस की सरकार के कारण से हुआ है, चिकित्सालयों के लचर सिस्टम के कारण से अव्यवस्थायें फैली हुई हैं, प्रदेश में बहन-बेटियां तो सुरक्षित हैं ही नहीं, महिला जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं है, राज्य के कानून व्यवस्था में अपराधियों को संरक्षण मिला हुआ है, मुख्यमंत्री आंखों पर पट्‌टी बांधकर शासन चला रहे हैं।

बयूरो रिपोर्ट ललित दवे