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गरीबों की पहुंच से दूर प्रधानमंत्री आवास

शक्तिमान सोनकर

(गोंडा) जनपद गोंडा के विकास खण्ड पण्डरी कृपाल के ग्राम पंचायत उकरा के मजरा लखई पुरवा में गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ मानक या पत्रता पर नहीं बल्कि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी की रहमों करम पर चलता है यही नहीं सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकारी आवास योजनाएं दम तोड़ते नजर आ रहे हैं बहुत से गरीब घर एक ही छप्पर के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं किसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका गरीब अभी भी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं विमला बताती हैं गरीब का दोष सिर्फ इतना है कि गरीब प्रधान की परिक्रमा नहीं करता है और बरसात में हमारा छप्पर टपकने लगता है।

विमला ने यह भी बताया कि हम छप्पर के ही अंदर अपने बच्चों को लिटा ना उसी में खाना बनाना जब बारिश होती है तो पूरा छप्पर टपकने लगता है प्रधान के पास मैंने अपने कागज भी दिए लेकिन प्रधान ने हमारे कॉलोनी के कागज निकाल दिए पात्र परिवार को अब तक ना तो सरकारी आवास मिला है और ना ही कोई सरकारी योजनाओं का लाभ परिवार झोपड़ी के नीचे जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं अधिकारियों ने मौके पर जांच नहीं की गांव मे मजबूर है गरीब के घर टूटे हुए झोपड़ी में रहने को परिवार को ना प्रधानमंत्री आवास मिला है और ना ही किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ गिरे हुए छप्पर में 24 घंटे मौत के साए में जीने को मजबूर हैं।

वैसे तो सरकार द्वारा गरीब परिवार को आवास के लिए तरह-तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है उसके बावजूद बड़े गांव में दर्जनों परिवार ऐसे हैं जो प्रधान पति से जब संपर्क करना चाहा तो मोबाइल स्विच ऑफ था इन सारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं