You are currently viewing महंगाई और कमी के बीच घर में बचत और अन्न व धन में बरकत आने का उपाय ले लो – बाबा उमाकान्त जी महाराज

जयगुरुदेव

उज्जैन मध्य प्रदेश
9 अप्रेल 2020

महंगाई और कमी के बीच घर में बचत और अन्न व धन में बरकत आने का उपाय ले लो – बाबा उमाकान्त जी महाराज

मनुष्य का जीवन भी सफल हो जाये और जीते जी परमात्मा का दर्शन भी हो जाये – इसका रास्ता बताने वाले उज्जैन के पूज्य संत बाबा उमाकान्त जी महाराज ने सन्देश देते हुए समझाया कि इस समय में जब घर, देश और दुनिया महंगाई और कमी से जूझ रहे है, ऐसे में आपके घर में धन और अन्न में बरकत कैसे आ सकती है? कैसे माताएं चुटकी सेवा और छोटी से गोलक के माध्यम से सेवा निकाल कर घर में बरक़त और बचत ला सकती है?

चुटकी और गोलक सेवा से घर में बरकत होगी और ये जरूरतमंदों और तुम्हारे भी काम आएगा

तो प्रेमियों! अपने-अपने घरों में बता दो, बच्चियों- माताओं को बता दो जो भोजन बनाते हैं – जब भोजन जो कुछ भी बनाएं, आटा दाल चावल जो भी बनाएं, एक चुटकी निकालकर के अलग रखती जाएं। वह इकट्ठा जो भोजन रहेगा आप के भी वह काम आएगा, भूखे को भी काम आएगा और देश के ही नहीं जरूरत पड़ेगी तो विदेशों के भी लोगों के काम आ जाएगा। इसलिए यह आदत आप डालो। चुटकी में ही आपका काम बनेगा। उसी से बरकत मिलेगी। बहुत से लोगों की भूख मिटेगी। यह आप जितने भी प्रेमी हो, नाम दानी हो, अपने अपने घरों में एक गोलक रख लो। बना बनाया न मिले तो एक घड़ा रख लो, बर्तन रख लो। उसमें डालते जाओ। कपड़े से बांध दो। वह जो थोड़ा बहुत इकट्ठा होगा उससे भी बहुत से लोगों का काम बनेगा, बहुत से लोगों की भूख मिटेगी, प्यास मिटेगी, उनका इलाज भी उससे हो जाएगा। आपके भी काम आ सकता है जरूरत पड़ने पर। पड़ोसियों के, रिश्तेदारों के, गांव के, देश के, विदेश के लोगों के वह काम आ सकता है।

विकसित देशों की हालत खराब होगी
महाराज जी ने बताया कि क्योंकि इस समय पर जो धनी-मानी माने जाने वाले देश हैं, उनकी भी हालत पैसे रुपए में बहुत खराब हो जाएगी। जो देते हैं, दाता दानी बने हुए हैं अभी वही याचक बन जाएंगे, दूसरे से मांगने लगेंगे। बहुत से लोगों को दिखाई देने लग गया कि जो दवाई अमेरिका से मंगायी जाती थी, इंडिया में आती थी, अब वही इंडिया वालों से मांगने लग गए।

भारत एक अध्यात्मिक देश है, ऋषि मुनियों संतों का देश। यही सबका भरते हैं पेट

भारत तो आध्यात्मिक देश रहा है। यह तो शुरु से ही योगी, योगेश्वर, ऋषियों, मुनियों का देश है और यही सब का पेट भरते हैं, यही परवरिश करते हैं। क्योंकि यह मालिक की शक्ति को अर्जित करते हैं और मालिक की दया इन पर रहती है।

आगे के खराब समय में राहत के लिए चुटकी और गोलक सेवा की पुरानी आदत पर वापस आओ

आप यह समझो प्रेमियों गोलक में रोज कुछ न कुछ डालो और इसकी आदत भी डालो। इससे आपकी बरकत भी बढ़ेगी। क्योंकि धंधे चौपट होंगे, कल कारखाने जल्दी चल नहीं पाएंगे और खेती भी ठीक से नहीं हो पाएगी। उनकी कमी तो होगी ही, आमदनी कम होगी तो परेशानी तो होगी ही होगी लेकिन यह आपका बरकत देगा। इससे आप थोड़े में ही गुजर कर लोगे। थोड़ा भी रहेगा सब खर्च किए हुए रहोगे तो आपको भी दिक्कत आ सकती है। तो शुरू से ही भारत देश के लोगों की आदत रही है कुछ ना कुछ बचाते रहें। यह कोई नई चीज तुम्हें तो मैं नही बता रहा हूं। पहले से ही इस तरह की आदत लोगों की बनी रही है। माताओं की चुटकी निकालने की, लोगों की बचत करने की आदत बनी रही है, उसी आदत में फिर आ जाना है।