You are currently viewing रीट प्रमाण – पत्र की वैधता आजीवन करने की मांग, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा

रीट प्रमाण – पत्र की वैधता आजीवन करने की मांग, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा

सादड़ी पाली
( ललित दवे )

राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन् ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश में रीट प्रमाण- पत्र की अवधि बढ़ाकर आजीवन करने करने की मांग की हैं। संघ के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश मेवाडा मुंडारा ने बताया कि केंद्र सरकार ने गत दिनों एक आदेश जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी प्रमाण- पत्र की अवधि बढ़ाकर सात साल के बजाय उम्रभर के लिए मान्य किया हैं। अब यह प्रमाण पत्र जीवन भर मान्य रहेगा।अभी तक यह सीमा 7 साल तक थी। इस अवधि में सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर दोबारा टीईटी पास करनी पडती थी । केन्द्र सरकार के इस फैसले से शिक्षक बनने के इच्छुक युवाओं को बड़ी राहत मिली हैं। यह 2011 से लागू होगा। केंद्र ने राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशो को उन उम्मीदवारों को नये प्रमाण पत्र जारी करने को कहा हैं, जिनकी सात साल की अवधि पूरी हो चुकी हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय सोनी ने बताया की प्रदेश में रीट प्रमाण – पत्र की वैधता अभी तक तीन वर्ष ही हैं। अभ्यर्थी लंबे समय से प्रदेश में रीट व आरटेट की वैधता तीन साल करने की मांग कर रहें हैं। साल 2011 में देशभर में टीईटी /टेट की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में ये आरटेट के नाम से 2011 व 2012 में हुई। तब वैधता अवधि सात साल थी। फिर राज्य सरकार ने 2015 में इसका नाम बदलकर रीट कर दिया। 2015 व 2018 में रीट हुई। तब वैधता अवधि 3 साल कर दी । अब रीट 2021 होनी हैं। प्रदेश सरकार को रीट प्रमाण पत्र की अवधि आजीवन कर अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।