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जयगुरुदेव

11.06.2021
उज्जैन मध्य प्रदेश

प्रेमियों! देश-विदेश में निःशुल्क भोजन भंडारा को अब और विस्तृत रूप में बढ़ाओ-बाबा उमाकान्त जी महाराज

विश्वविख्यात परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के वार्षिक भंडारा (ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रियोदशी) के शुभ अवसर पर यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम के ऑनलाइन माध्यम से 08 जून 2021 को प्रसारित प्रातः कालीन सतसंग में बताया कि प्रेमियों! आप लोगों ने खूब भंडारा चलाया। अभी आप लोग 100 के आस पास भंडारा चलाते होंगे। विदेशों में भी चलते हैं, विदेशों में भी बांटते हैं। नए काम में मैं सोच रहा हूं।

विदेश के सतसंगियों के लिए नया आदेश।

अलग-अलग देशों की अलग-अलग परिस्थितियां हैं। अमेरिका जैसे देश में एक जगह इकट्ठा होकर के नहीं कर सकते। घरों में ज्यादा लोगों को इकट्ठा करने की इजाजत वहां नहीं है। लेकिन व्यवस्था सब जगह बन जाती हैं। हम जाते हैं तो लोग कार्यक्रम कहां करते हैं? मंदिरों में, सार्वजनिक स्थानों पर। प्रेमियों! ऐसे जगहों पर महीने में या हफ्ते में या सम्भव हो तो प्रतिदिन, जब जैसे व्यवस्था हो, इकट्ठा होकर के नाम ध्वनि बोलो और लोगों को जो आपके रिश्ते में हो, पहचान के हो, खून के रिश्ते में हो, दोस्त हो, व्यापार या नौकरी का रिश्ता हो, नामदानी, गैर नामदानी सभी को बुलाकर वहां पर भोजन कराओ। भोजन भंडारा जैसे भी संभव हो उन लोगों को खिलाओ। विदेश के लोग आप लोग यह शुरू करो।

हमारे अच्छे काम की नकल कई लोगों, सरकारों ने की।

देखो प्रेमियों! मैंने जो बात बोला, जो शुरुआत की उसको लोगों ने करना शुरू किया। कई उदाहरण दे सकता हूं। कई लोगो ने शुरू किया, सरकारों ने शुरू कर दिया कि अच्छा काम है इसको करना चाहिए। तो आप ने गरीबों, असहायों को खिलाया तो कई खिलाने लग गए। भोजन कराना पुण्य का काम है। लोग भी इसे करने लग गए।

भारत के सतसंगियों के लिए नया आदेश।

अब भारत के लोग जो भी सत्संगी हो अब आप लोग अन्य लोगों को भी भोजन खिलाओ। जैसे कोई दफ्तर है, सरकारी या गैर सरकारी हो, कोई कारखाना हो, कोई भी हो। एक दिन पहले चले जाओ और उनको बता दो कि हम आप लोगों को भोजन खिलाना चाहते हैं, तारीख पूछ लो और उसके बाद बनाकर ले जाओ, उनको बैठा कर खिला दो। रोज कर सको तो रोज करो, नहीं तो हफ्ते में एक दिन करो, नहीं तो महीने में एक दिन खिलाओ। अब ऐसा काम शुरू करो। जो भंडारे अभी चल रहे हैं उनके लिए तो और भी आसान है। उनकी आदत बनी है। जहां नहीं चलते हैं उनको योजना बनाना पड़ेगा, सीखना पड़ेगा। सबके लिए एक जैसा नियम लागू नहीं होता है। अलग-अलग आप अपना हिसाब बना लो। तो यह काम आप इस भंडारे से आप लोग शुरू करो।

लक्ष्मी जी ने कहा कि अच्छे काम में करूंगी मदद

महाराज जी ने कहा कि प्रेमियों आप यह भी समझो कि यदि पहले से इकट्ठा करके करोगे, सेवा पहले इकट्ठा करने लगोगे तो नहीं हो पाएगा। जब शुरुआत करोगे तो बहुत सेवा आ जाएगी। अच्छे काम में लक्ष्मी जी ने कहा हम मदद करेंगे। हमारी तो मदद करती ही करती हैं अच्छे काम में, आप की भी मदद करेंगी क्या आपकी नही करेगी आपकी भी लक्ष्मी जी मदद करेगी।

अच्छे काम में अगर कोई दिक्कत आती है तो हमको बताओ।

महाराज जी ने कहा प्रेमियों हम अभी बता दें कि परेशानी कब आएगी। जब आपकी नीयत खराब होगी या आपकी भावना संकुचित रहेगी। जब आप विस्तार से नहीं सोचोगे तब आप खुले दिल से आप कोई काम नहीं कर पाओगे। आपका मन जब उठा-पटकी करेगा कि यह कैसे होगा, किसी को कम दे दें ताकि अन्य लोगों को ज्यादा बांट देंगे तब। खूब खिलाओ, प्रेम से खिलाओ, खाने दो। भावना अगर आप कि ऊंची रहेगी तो किसी भी चीज की कमी नहीं होने पाएगी।
जयगुरुदेव