जयगुरुदेव नाम लोगों की जान का है रक्षक, शाकाहार से होगी रोगों से मुक्ति -बाबा उमाकान्त जी महाराज

जय गुरु देव

दिनांक: 12 जून 2021
स्थान: बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम, उज्जैन, म.प्र.

जयगुरुदेव नाम लोगों की जान का है रक्षक, शाकाहार से होगी रोगों से मुक्ति -बाबा उमाकान्त जी महाराज

विश्वविख्यात परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज उज्जैन ने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के वार्षिक भंडारा के शुभ अवसर पर यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम (jaigurudevukm) के ऑनलाइन माध्यम से 8 जून 2021 को प्रसारित प्रात: कालीन सतसंग में बताया कि देखो प्रेमियों! अभी तो बहुत काम है। जय गुरु देव नाम का, शाकाहारी का प्रचार ही पूरे विश्व में नहीं पहुंच पाया। आप समझो गुरु महाराज जी का मिशन तो दूर है, उनके बारे में इतनी गहराई से पहुंचाना दूर है लेकिन यह जय गुरु देव नाम जो जान का रक्षक है, सुख शांति देने वाला है, शाकाहार से रोग मुक्ति होने वाली है, यही संदेश नहीं पहुंच पाया।

हिंदुस्तान में बहुत से गांव, जहां भाषा का फर्क है वहां अभी जयगुरुदेव नाम पहुंच नहीं पाया।

हिंदुस्तान के ऐसे भी गांव हैं जहां पर दूसरे प्रदेशों में भाषा का फर्क है। वहां भी यह नाम नहीं पहुंच पाया। पहुंच तो सकता है, काम तो हो सकता है। जिस तरह से गुरु महाराज ने किया, घटनाएं घटा दी – चित्रकूट की घटना, कानपुर फूलबाग की घटना, उसमें प्रचार हो गया, दूरदर्शी से प्रचार हो गया, भूमि जोतक से प्रचार हुआ, गुरु महाराज इमरजेंसी में 21 महीना जेल में रहकर के आए, हम नाचीज जैसे लोग भी उनके प्रेम में और उनके आदेश पर जेल काट कर के आए, उसमें खूब प्रचार हुआ। लेकिन हम वैसा प्रचार नहीं चाहते हैं।

गुरु महाराज के गुरु भाई बहुत कम लोग थे। जैसे अपने गुरु भाई लोग भी अलग-अलग मत मतान्तर अपना रहे हैं।

गुरु महाराज के जो गुरु भाई लोग थे, बहुत कम थे। जो थे भी जैसे अपने यहां गुरु भाई लोग अलग अलग मत मतान्तर, अलग-अलग तरीका अपना रहे हैं, लोग ऐसे उनके भी थे। इक्का-दुक्का उनके साथ थे लेकिन वे भी इस लायक, काम करने लायक नहीं थे।

बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने अपने दम पर जयगुरुदेव नाम फैलाया।

गुरु महाराज जी ने अपने दम पर जय गुरु देव नाम को फैलाया हैं। जय गुरु देव नाम से लोगों को लाभ दिलाया, शाकाहारी रह करके, दिल दिमाग बुद्धि सही करके, तरीका बताकर के लाभ दिलाया। दूरदर्शी बनाकर के, आप समझो नीतियों को बना करके, भूमि जोतक के लिए आवाज लगा कर के – ‘हम पर शासन वही करेगा, जो ब्याज हमारा माफ करेगा’, तरह-तरह से बता कर के, बहुत से काम उन लोगों से करवा लिया, शासन वालों से करवा लिया।

गुरु महाराज के शरीर छोड़ने के बाद आश्रम जब हम छोड़े, हमारे पास कुछ नहीं था। आप प्रेमियों ने किया हमारा सहयोग।

आप यह समझो प्रेमियों वह काम तो आसान है लेकिन अब उन सब कामों के करने की जरूरत नहीं है। आप इतने आदमी हो, इतने आदमी क्या नहीं कर सकते हो? जब गुरु महाराज अपने गुरु के स्थान को छोड़कर के इधर काम करने के लिए आए थे तो कुछ नहीं मिला था। हमको तो आप मिल गए। जब हम उस स्थान से निकले तो हमारे पास भी कुछ नहीं था। जो कपड़ा पहने थे वही था। जब हम गुरु महाराज के शरीर छोड़ने के बाद मथुरा आश्रम छोड़े थे, हमारे पास कुछ नहीं था लेकिन आप थे। आप इतने प्रेमियों ने सहयोग किया।

प्रेमियों! देश में बहुत बड़ा काम हुआ, जब जाग्रति आयेगी तब आप देखना

आप यह समझो देश में बहुत बड़ा काम हुआ है। वह तो जब जागृति आएगी, कोई आवाज इस तरह की लगेगी कि आप सब लोग चैतन्य हो जाओ, अब सब लोग एक साथ आ जाओ तब आप लोग देखना कम काम नहीं हुआ है।