पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात कर कैलाश चौधरी ने की रिफाइनरी में स्थानीय रोजगार और सीएचआर फंड से विकास कार्यों की मांग

पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात कर कैलाश चौधरी ने की रिफाइनरी में स्थानीय रोजगार और सीएचआर फंड से विकास कार्यों की मांग

जयपुर राजस्थान / दिल्ली
( ललित दवे )

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं बाड़मेर जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी ने दिल्ली में केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी से मुलाकात के दौरान संसदीय क्षेत्र बाड़मेर में निर्माणाधीन रिफ़ाइनरी और तेल व गैस क्षेत्र में कार्यरत कम्पनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं बाड़मेर जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी से मुलाकात की। इस दौरान कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी की पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से संसदीय क्षेत्र बाड़मेर में निर्माणाधीन रिफ़ाइनरी और तेल व गैस क्षेत्र में कार्यरत कम्पनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही कैलाश चौधरी ने रिफाइनरी क्षेत्र में एचपीसीएल द्वारा सीएसआर फंड के तहत अस्पताल और विद्यालयों के जल्द निर्माण करने को लेकर भी अनुरोध किया।
इस दौरान कैलाश चौधरी ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की बात कही। कैलाश चौधरी ने धर्मेंद्र प्रधान को बताया कि कोविड-19 के बाद लगातार लोकडाउन लगते रहने से युवाओं में बेरोजगारी बढ़ी है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले रोजगार पर स्थानीय लोगों का हक है, जबकि कंपनियां बाहरी लोगों को रोजगार दे रही है और स्थानीय युवक बेरोजगार बैठे हैं। उनको प्राथमिकता के आधार पर और उनकी योग्यता के अनुसार काम दिया जाए ,जो उनका हक है। धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि स्थानीय लोगों रोजगार दिलाने को लेकर प्रयास किया जाएगा।
कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बताया कि संसदीय क्षेत्र में जिस तरह से स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की मांग है और कोरोना महामारी के दौरान जैसी आवश्यकता महसूस की गई, उसके अनुपात में आपूर्ति का अभाव है। इन कमियों और अभावों को देखते हुए यह लग रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए रिफाइनरी व अन्य प्लांट्स में काम कर रही एचपीसीएल सहित बड़ी कम्पनियों के सीएचआर फंड में ज्यादा पारदर्शिता और सख्ती बढ़ाई जाए। देश इन दिनों महामारी से जूझ रहा है, इस समस्या से निपटने के लिए मजबूत हेल्थ केयर सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों के निर्माण में भी इन कम्पनियों के सीएचआर फंड से बड़ी सहायता मिल सकती है।