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जयगुरुदेव

19.6.2021
जयगुरुदेव बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम, उज्जैन, म.प्र.

जब तक शराब-मांस नहीं होगा बन्द, तब तक भ्रष्टाचार-अपराध नहीं होगा खत्म -बाबा उमाकान्त जी महाराज

व्यक्ति, घर, समाज और राष्ट्र में सुख-समृद्धि और एकता लाने का सरल रास्ता बताने वाले उज्जैन के पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने जयपुर में 9 जुलाई 2017 को जनता और सरकार से अपील करते हुये कहा कि मांस और शराब अगर देश में बंद कर दिया जाए तो 50% अपराध और भ्रष्टाचार तुरंत खत्म हो जाएगा।

संविधान में परिवर्तन किये बिना भारत की व्यवस्था सही नहीं हो सकती

महाराज जी ने जनता और सरकार से अपील कि की वर्तमान व्यवस्था में गड़बड़ी है और इसे सुधारने के लिए इस पुराने संविधान में परिवर्तन कर दीजिए। संविधान अगर बदल जाएगा जो बहुत पुराना हो गया है तो अभी व्यवस्था सही हो जाएगी।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करके लोगों के दिलों को जीत लो

जन भावनाओं को, उनके दिल को जीतने के लिए, जो गऊ माता हैं जिनकी लोग पूजा करते हैं, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए तो उसमें नुकसान किसी का नहीं होगा और जन भावनाओं की कद्र हो जाएगी। भविष्य में गऊ हत्या बंद हो जाएगी। गऊ हत्या ही नहीं, किसी भी पशु-पक्षी की हत्या नहीं होगी। कश्मीर से कन्याकुमारी तक कोई भी मांस-शराब की दुकान होगी ही नहीं। कोई भी औरत कहीं भी किसी भी समय, किसी भी सड़क पर घूमेगी किसी की नीयत खराब नहीं होगी – ऐसा समय आएगा।

प्रेमियों इस खराब समय में जयगुरुदेव नाम बोलकर कुछ लोग दे सकते हैं धोखा, हर किसी पर विश्वास मत करना

महाराज जी ने बताया कि बीच का यह समय खराब है। बड़ी सावधानी से चलना है। जयगुरुदेव नाम बोलने वाले हर आदमी पर विश्वास नहीं कर लेना है। क्योंकि इसमें ऐसे भी लोग हैं जो आप के घर जाएंगे, खूब सत्संग सुनाएंगे, 2 घंटा-3 घंटा बैठ कर के भजन भी करेंगे लेकिन निकलने के बाद 10-20 हजार, 2-4 लाख मांग कर के आप से ले जाएंगे और फिर जाना ही बंद कर देंगे, फोन उठाना ही बंद कर देंगे, बहन-बेटियों पर गलत नजर डाल कर के और फिर आपकी इज्जत को खराब कर देंगे। बड़ी सावधानी से चलने की जरूरत है। जो पैसा लेगा, देगा ही नहीं? लोगों की नीयत खराब होती जा रही है। हालांकि इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। देखो हजम कोई नहीं कर सकता, लेकिन जब चोट लगती है, मार पड़ती है, तकलीफ आती है तब पश्चाताप होता है। आदत तो बिगड़ गई, लखपति-करोड़पति बन जाऊं, अरबपति बन जाऊं, आराम की जिंदगी बिताऊं, एक कार है तो चार कार हो जाये, चार दुकान, चार फैक्ट्री हो जाए। बस उसी लालच में सब कर डालता है। फिर चिल्लाता है, जब तकलीफ आती है। तो भाई मेरा तो फर्ज है समझाने-बताने का। अगर आप नहीं मानोगे तो आपका हम क्या कर सकते हैं? लेकिन यह समझ लो-

जस करनी तस भोगों तासा।
और नरक जात फिर क्यों पछताता।।

कर्मों का फल मिलता है तो कर्म अच्छे होना चाहिए आप लोगों के।

जयगुरुदेव
परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज उज्जैन (म.प्र)भारत