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गौआधारित प्राकृतिक खेती पर किसानों का प्रशिक्षण

यूपी फाइट टाइम्स दैनिक समाचार

डॉ सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, अंतरराष्ट्रीय ख्याति के वैज्ञानिक बैरीपुर रामनाथ, मनकापुर गोंडा के निवासी द्वारा किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती पंचगव्य उत्पाद पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रशिक्षक, राधे श्याम सोनी सौजन्य से किसानों के प्रशिक्षण का आयोजन 21 जून 2021 को गौ सेवा आश्रय स्थल (सरकारी) मनकापुर जिला गोंडा उ०प्र० पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बैरी पुर रामनाथ के बच्चों द्वारा गीत सदा वत्सले मातृ भूमे, त्वया हिन्दू भूमे सुखो वर्धतेहम व राम कृष्ण की प्यारी गया, सारे जग से न्यारी है प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में गोण्डा की जिला परिवार न्यायालय की परामर्शदात्री श्रीमती सरस्वती तिवारी ने किसान भाइयों को आह्वान किया कि महिलाओं को भी इस मुहीम में जोड़ना अतिआवश्यक हैं जिससे वे अपने समूहों के माध्यम से पंचगव्य सामग्रियाॅ द्वारा वो समद्धिशाली हो सके। कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा की वैज्ञानिक डॉ अर्चना सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए देसी गौ माता की पहचान पर प्रकाश डाला व बताया कि अब बछड़े की समस्या का समाधान हो गया है। हमारे वैज्ञानिक गण ने सीमेन बना लिए हैं, जिसको डालने पर 100 पर प्रतिशत बछिया ही होगी। जिसकी कीमत सिर्फ ₹300 हैं। सभी किसानों से आह्वान किया गया कि गौशाला से एक – एक गाय अपने घर में बांधे, सेवा करें और अपने भारतीय संस्कृति की धरोहर का संचय करें। तकनीकी सत्र में सीतापुर से आए सोनी जी ने प्रशिक्षण में देसी गाय का कृषि में महत्व समझाते हुए बताया एक ग्राम देशी गाय के गोबर में 500 करोड़ सूक्ष्म जीवाणु पाए जाते हैं, देसी गाय के गोबर में गुड़ बेसन डालकर खमीरीकरण करके सूक्ष्मा जीवाणुओं की संख्या बढ़ाई जाती है। गौ माता के गोबर व मूत्र से जीवामृत, धनजीवामृत, बीजामृत, ब्रम्हास्त्र कीट नियंत्रक, अग्निअस्त्र कीट नियंत्रण, दसपर्णी अर्क आदि बनाने का फार्मूला बताया व लिखवाया। जिससे किसान भाई धीरे धीरे रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करते हुए प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हो। प्राकृतिक खेती करने से केचुआ व अन्य जीवांश मिट्टी में खुद ही पनप जाएंगें। इस खेती से हमारी मृदा, पर्यावरण तथा हमारा स्वास्थ्य अच्छा होगा, बीमारियों से छुटकारा मिलेगा व हम अपनी धरोहर, अपनी संपदा को बचाने में सफल हो सकेंगे। खेती किसानी के बाद इन्होंने पंच गौ सामग्रियां बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जिसमें इन्होंने कामधेनु दंत मंजन, दिया व धूपबत्ती बनाने का प्रदर्शन दिया और गौ अर्क, गिनाइल, नेत्र रक्षक आई ड्राप आदि सामग्रियों के बारे में बताया कि हम सड़क की गाय अपने घरों में बांधकर इनके पंचगव्य उत्पाद बनाकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इस प्रशिक्षण में कुल 30 लोगों ने भाग लिया। जिसमें दिनेश तिवारी, अतुल त्रिपाठी बाबा दीन, इंद्र तिवारी आदि ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विद्या प्रसाद शुक्ला, करूण गौशालय का भी विशेष योगदान रहा। जल्दी ही कृषि विज्ञान केन्द्र, मनकापुर भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सौजन्य से किसानों का प्रशिक्षण का आयोजित करेगा। जिन लोगों को अपना पंजीकरण करवाना हो, वो मोबाइल नं. 6393530043 पर फोन करके अपना नाम लिखा दें। यह प्रशिक्षण सभी को निःशुल्क दिया जाएगा।