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*उत्तर प्रदेश राज्य का पुनर्गठन करके पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रथक पश्चिमांचल राज्य के गठन की मांग हेतु प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को ज्ञापन*

          UFT 24NEWS

ब्यूरो आमिर त्यागी मुज़फ़्फ़रनगर
      
मुज़फ़्फ़र नगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य की माग को लेकर उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर सतेन्द्र सिंह के निर्देशन मे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जनपदो मे  जिलाधिकारीकारी/तहसील मे उपजिलाधिकारी के  माध्यम से
प्रधानमन्त्री भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित किये गये।मुजफ्फरनगर मे प्रदेश सचिव  संजीव मलिक और  मासूम द्वारा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को ज्ञापन दिया गया ।  छोटे प्रदेश मे पर्यावरण भी शुद्ध रहता है , पर्यावण संतुलन के ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाएं का संदेश देने के उद्देश्य से पारिजात( हारश्रंगार)का पौधा जिलाधिकारी महोदया को भेंट किया। इस अवसर सचिन शर्मा नगर  महासचिव मुजफ्फरनगर यूथ विंग, इमरान राव जिला प्रभारी यूथ विंग आदि. मौजूद रहे।ज्ञापन मे प्रधान मन्त्री जी मांग की गई की आबादी तथा क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तर प्रदेश कितना बड़ा राज्य है कि 25 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या के साथ दुनिया के 5वें सबसे बड़े देश के समकक्ष है जिसमें 75 जिले 822 ब्लॉक और 52000 ग्राम पंचायत है इसके चलते आजादी के 71 साल बाद भी कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा खेल स्वास्थ्य रोजगार और विकास के हर पैमाने पर उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा पिछड़ा हुआ है प्रदेश की राजधानी लखनऊ पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों से 700 किलोमीटर तक की दूरी पर है प्रदेश के सभी विभागों के मुख्यालय लखनऊ,कानपुर व इलाहाबाद में है
जिसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है
प्रदेश का उच्च न्यायालय इलाहाबाद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से 850 किलोमीटर तक की दूरी पर है यहां के नागरिकों को मुकदमों की पैरवी के लिए हाई कोर्ट पहुंचने में धन एवं समय अधिक खर्च करना पड़ता है आखिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही यह पक्षपात क्यों पश्चिमी उत्तर प्रदेश संसाधनों से भरपूर है और उत्तर प्रदेश की आय से 70 से 80 % तक की भागीदारी देता है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक भी AIIMS, NIT, IIT, IIIT व IIM नहीं है
उत्तर प्रदेश में 30 स्टेट यूनिवर्सिटी हैं जिसमें से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ करोड़ जनता के लिए मात्र 6 ही हैं
सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी 5 में से सिर्फ एक ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है उत्तर प्रदेश के 30 मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ पांच ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है हर क्षेत्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हालत बहुत खराब हो चुकी है और यह बीमारू राज्यों में शामिल है इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की संस्कृति बोली व रहन-सहन भी बाकी उत्तर प्रदेश से अत्यंत भिन्न है पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने के लिए 1953 में चौधरी चरण सिंह जी समेत 97 विधायकों ने राज्य पुनर्गठन आयोग के समक्ष प्रतिवेदन दिया था 1955 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भी यूपी के बंटवारे की वकालत कर चुके हैं।