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आगे का समय अच्छा नहीं दिखाई दे रहा है, कुदरत कर्मों की सजा देने जा रही है

उज्जैन जीते जी इसी मानव मंदिर में मुक्ति-मोक्ष का रास्ता बताने वाले वक्त के कामिल मुर्शिद आला फकीर, सभी जीवों के निजात का रास्ता बताने वाले वर्तमान के पूरे संत सतगुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 24 जून 2021 को बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम, उज्जैन, म.प्र. में हुए और यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित सतसंग में प्रसंग के माध्यम से भक्तों को संदेश दिया कि आगे का समय खराब दिखाई पड़ रहा है। एक सजा स्वभाविक होती है और दूसरी सजा जो मिलती है।

कुदरत द्वारा कर्मों की दी जाने वाली सजा से बचने के उपाय

आंधी, तेज बारिश-ठंडी, बुढापे में शरीर के अंग कमजोर होने से हुई तकलीफ आदि स्वाभाविक सजा है। लेकिन जब सबको सजा मिले जैसे बुखार बच्चे-जवान सबको हो गया, तकलीफ सबको हो गयी तो वो कुदरती सजा होती है, कर्मों की सजा होती है। जब कुदरत कर्मों की सजा देने के लिए सोच लेगी तब कितना भी कोई कोशिश करे की लोगों को तकलीफों से आराम मिल जाए, आराम मिल पाना बड़ा मुश्किल होता है। जैसे कोरोना में आपने देखा कि कितनी तकलीफें हुई, लोग चले भी गए। इसलिए खान-पान, चाल-चलन, विचार-भावना में बहुत होशियारी रखनी है, निर्देशों का पालन करना है। देश-प्रांत-सभी पार्टी की सरकारें जान बचाना चाहती है तो अपनी-अपनी समझ, विचार, समय-परिस्तिथि के अनुसार नियम-कानून का पालन करना।

आने वाली आषाढ गुरु पूर्णिमा का कार्यक्रम बताया जायेगा
आने वाली आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा होगी। इसका कार्यक्रम, जो भी, जैसा भी निश्चित होगा, आपको बता दिया जायेगा।

जयगुरुदेव नाम ध्वनि बोलने से फायदा दिखने लगेगा

महाराज जी ने बताया कि ये जय गुरु देव नाम उस मालिक का जगाया हुआ नाम है और इसमें उस मालिक की पूरी ताकत भरी हुई है। कोई भी शाकाहारी, सदाचारी, नशा मुक्त व्यक्ति मुसीबत के समय जय गुरु देव नाम बोलेगा तो उसकी मदद होगी। आगे का समय विनाशकारी है इसलिए सबको ये जय गुरु देव नाम रटा दो। रात को जय गुरु देव नाम की ध्वनि, चाहे जोर से या चाहे मन में, बोलते-बोलते सो जाओ। अगर भाव के साथ बोलोगे तो तुरंत फायदा-लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जय गुरु देव नाम की ध्वनि ऐसे बोलना है- जयगुरुदेव जयगुरुदेव जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव।

प्रेमियों! आप अकेले नाम ध्वनि व ध्यान, भजन करके पूरे परिवार को सुखी नहीं रख सकते

महाराज जी ने कहा कि यदि आप सोचो कि एक आदमी कोई हम ध्यान भजन करके और नाम ध्वनि बोलकर के पूरे परिवार को सुखी रख सकते हैं तो यह तो बड़ा मुश्किल होगा। असर तो पड़ेगा, नाम जो बोलोगे तो बाधाओं पर असर पड़ेगा लेकिन उसको कर्म की सजा भोगनी पड़ेगी जो सुमिरन, ध्यान, भजन, नाम ध्वनि नहीं करेगा। आप यह समझो कर्म की सजा भोगनी पड़ेगी। इसलिए सबको बैठाओ, जितने परिवार में लोग हैं, उनको सबको नाम ध्वनि में बैठाओ, कराओ।