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लेह-लद्दाख के किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए यहां जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है मोदी सरकार : कैलाश चौधरी

तीन दिवसीय लेह-लद्दाख दौरे पहुंचे केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी का स्थानीय भाजपा एवं किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत, केंद्रीय मंत्री चौधरी ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और बताई केंद्र सरकार की कृषि हितैषी योजनाएं

लेह-लद्दाख

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी शनिवार को अपने तीन दिवसीय लेह-लद्दाख दौरे को लेकर सुबह 10.30 बजे लेह एयरपोर्ट पहुंचें। एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से होते हुए कैलाश चौधरी ने जंस्कार घाटी में भारत की सबसे पवित्र एवं प्राचीन सिंधु नदी के दर्शन किए। इसके बाद लेह में स्थानीय लेह-लद्दाख सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष मुटुप तेसरिंग के नेतृत्व में स्थानीय प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी का स्वागत अभिनन्दन किया। इस दौरान कैलाश चौधरी ने स्थानीय किसानों, कृषि अधिकारियों एवं किसान संगठनों के साथ अलग अलग बैठकों में संवाद किया। इसके बाद शाम को जंस्कार जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भाग लिया।

विभिन्न किसान संगठनों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार लद्दाख क्षेत्र को आर्गेनिक क्षेत्र बनाने के लक्ष्य को लेकर तेज गति से काम कर रही है। ऐसे में लद्दाख के स्थानीय किसान मोदी सरकार की जैविक खेती योजना के तहत अपनी खेती में बदलाव ला सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस समय देश में किसानों को ऑर्गेनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। ऐसे में लेह व लद्दाख में भी केंद्र सरकार एवं कृषि मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है। कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख अगले पांच सालों में आर्गेनिक क्षेत्र बनने की दिशा में अग्रसर है। लद्दाख में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस समय आईसीएआर एवं काजरी की टीम लेह जिले में काम कर रही है।

इसके बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने काजरी जोधपुर के निदेशक ओपी यादव के साथ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के लेह स्थित क्षेत्रीय काजरी केंद्र के निरीक्षण करने के दौरान कहा कि अब यहां वैज्ञानिक कृषि, वानिकी, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय लोगों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए शोध करेंगे। कैलाश चौधरी ने कहा कि अब तक गर्म मरुस्थल थार में शोध कर रही काजरी को अब केंद्र सरकार की ओर से ठंडे मरुस्थल का टास्क दिया गया है। लेह में 6 महीने बर्फ गिरने और यहां सुख सुविधाएं कम होने के कारण ही स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें खेती में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए यहां के क्षेत्रीय केंद्र और कृषि वैज्ञानिकों को केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाओं और कृषि शोध के लिए फंड की व्यवस्था की गई है।