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ध्यान-भजन के समय कुछ और करने की धांधली अब नहीं चलेगी, आगे समय बहुत खराब आ रहा है

सूत्र पकड़ लो- एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय

सभी जीवों को अपने निज घर सतलोक ले चलने के लिए सतपुरुष के साक्षात अवतार, इस धरा पर मौजूद प्रकट सन्त, उज्जैन वाले पूज्य बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 31 जुलाई 2021 को अपने जयपुर आश्रम में दिए व यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित सतसंग में भक्तों को चेताया की प्रेमियों! आपका जो साधन-भजन का समय निश्चित है, उस समय आपको बैठ जाना चाहिए। आप लोग अपनी दुःख-तकलीफ में आराम पाने के लिए आते हो, फायदा भी मिल जाता है फिर चले जाते हो लेकिन आपका समय व्यर्थ चला जा रहा है। आप शरीर के लिए ही सब कुछ करने में लगे हुए हो, आत्मा के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हो। शरीर और शरीर के लिए किये गये सभी काम यहीं छूट जाने वाले हैं, ये आत्मा के लिए कुछ काम नहीं आएगी। आत्मा के काम आने वाली चीज – सुमिरन-ध्यान-भजन सीखो। पहले आ जाओ, छुट्टी के दिन रविवार के साप्तहिक सतसंग में आ जाओ, बैठ कर के सुन लो, सीख लो, समझ लो और करो। भजन-ध्यान के समय दूसरों की देखा-देखी आप भी आँख खोल देते हो, उठ जाते हो तो क्या होगा, कैसे होगा? कुछ कह देते हैं की गुरु महाराज तो हैं ही, समरथ हैं, मदद करेंगे तो ये धांधली अब नहीं चलने वाली है, ये जान लो आप। आगे की परिस्तिथियाँ खराब आएँगी। और यही भजन-ध्यान आपके काम आने वाला है। इसलिए इसमें लगो।

जिसका मन लग गया भजन-ध्यान में वो देखो चूं तक नहीं बोलते

मन तो कभी नहीं कहता क्यूंकि आप आदत नहीं डालते हो। जिसका मन लग गया भजन-ध्यान में वो देखो चूं तक नहीं बोलते हैं। सामूहिक भजन-ध्यान के समय भी आप लोग आँख खोले बैठे रहते हो, कभी खड़े हो जाते हो तो ऐसे काम नहीं चलने वाला है। देखो रीती-निति बनाओ। संगत की मर्यादा रखो, भजन-ध्यान-सुमिरन करो। करो उसको। हाजरी लगाओगे तभी तो मन कहेगा (करने को)। आप हाजरी ही नहीं लगाते हो। जो रोज हाजरी लगाते हैं, बैठते हैं, उनका मन उधर लगा हुआ है। मन तो एक ही है, जिधर ले जाओगे उधर ही लगेगा। कहा गया –
उधो, मन न भए दस बीस। एक हुतो सो गयौ स्याम संग, को अवराधै ईस॥

साधना के समय साधना न करने की आपकी ये धांधली अब नहीं चलेगी

मोटी बात समझ लो, अब ये आपकी धांधली चलने वाली नहीं है। कितना भी उछलो कूदो, बगैर ध्यान-भजन-सुमिरन किये, बिना इन धनियों को खुश किये काम बनने वाला नहीं है। जीवन का ये समय आपके बेकार जा रहा है।

ये सूत्र पकड़ लो – एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय

ये मोटी बात, एक सूत्र पकड़ लो की एक काम अगर ये हो गया तो इसी से आपके सब काम बन जायेंगे।