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जय गुरु देव

12.08.2021
प्रेस नोट
लखनऊ, उ.प्र.

बाबा उमाकान्त जी की नौजवानों से नशामुक्त रहने और कोई हुनर सीख कर बेरोजगार न बैठने की अपील

व्यक्तिगत आध्यात्मिक तरक्की के साथ-साथ परिवार-समाज-देश के भविष्य को सुद्रढ़ बनाने के लिए वर्तमान और आगामी कमजोरियों को दूर करने के उपाय बताने वाले समय के महापुरुष उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 21 फ़रवरी 2020 को महाशिवरात्रि के अवसर पर लखनऊ में यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित सतसंग में भारत के नौजवानों को देश-दुनिया के भविष्य के आधार होने के महत्व को याद दिलाते हुए नशामुक्त रहनेऔर कोई हुनर सीख कर बेरोजगार न बैठने की अपील की। उन्होंने बच्चों में शुरू से ही शिक्षा के साथ-साथ हुनर सिखाने की नीति अपनाने के लिए सरकार से कि गयी अपनी अपील दोहराई।

नशे में माँ-बहन-बेटी की पहचान ख़तम हो जाती है

महाराज जी ने सतसंग में बताया की इस भारत भूमि पर जब द्रोपति को कुद्रष्टि से देखा तब महाभारत हुआ। कुछ ही घंटों में 56 करोड़ यदुवंशी खत्म हो गए। यह भारत भूमि है, यहां पर तो महिलाओं की बड़ी इज्जत, सम्मान करना चाहिए। लेकिन नशे में मदहोश हो जाने के बाद मां बहन बहू किसी की पहचान नहीं हो पाती है। नशा चाहे शराब का हो या अफीम, कोकिन का हो। ऐसे किसी नशे का सेवन मत करना। निवेदन-प्रार्थना है आपसे। आप अपने अस्तित्व को मत मिटाओ।

नौजवानों नशा मुक्त बनो और टीम बना कर औरों को भी प्रेम से सुधारो

ऐ नौजवानों! तुम देश के ही नहीं बल्कि विश्व के भविष्य हो। इस धरती के भविष्य हो। तुम शराब के नशे में और नशे की गोलियों में जब मस्त हो जाओगे तो कहां से तरक्की कर पाओगे? क्या नाम कमा पाओगे? क्या खानदान का नाम ऊंचा कर पाओगे? आप ही के उम्र के गोस्वामी जी महाराज थे। कम उम्र में ही उन्होंने भगवान को प्राप्त कर लिया था। राम और कृष्ण ने जवानी में ही काम किया। परिवर्तन किया, धर्म की स्थापना किया। इसलिए आप जो नौजवान हो, अपनी टीम बनाओ और यह जो नशे की आदत नौजवानों के अंदर पड़ रही हैं, उसको खत्म करो। उन्हें समझाओ-बताओ। आप उनके साथ रह करके उनको छुड़वा दो। उनसे घृणा मत करो। उनके अंदर जो कमी आ गई उसको दूर करो। ऐसे रहो उनके बीच में जैसे कीचड़ में कमल और कांटो में गुलाब खिल जाता है। उन्हीं के बीच में रहकर उन्हें सुधार दो। अपने जैसे उनको भी बना दो। आप अपने देश-समाज और माता-पिता के अरमान को अधूरा मत रहने दो, पूरा करो।

बेरोजगार मत बैठो, कोई न कोई हुनर सीख लो ताकि कभी किसी से मांगना न पड़े

महाराज जी ने नौजवानों से अपील कि की पढ़-लिखकर बेकार मत बैठो। कोई न कोई काम सीख लो। हुनर कभी भी बेकार नहीं जाता। मैं तो बराबर सरकारों से भी कहा करता हूं कि पहेली-दूसरी दर्जा से ही बच्चों को आप सिखाइए- लोहारगिरी, बढ़हीगिरी, कालीन बनाना, घड़ी बनाने का काम आदि जिसकी जरूरत आदमी के जीवन में पड़ती रहती है, वह हुनर आप इनको सिखाइए। ताकि पढ़ाई के बाद कागज का टुकड़ा लेकर सर्टिफिकेट के रूप में न निकले, यह हुनर लेकर के निकले तो देश-विदेश में कहीं भी भूखे न मरे।

पहले की संस्कृति अच्छी थी, एक्यूप्रेशर से निशुल्क इलाज हो जाता था

देखो पहले लोग पैदल चलते थे। बगैर जूते-चप्पल के तो कंकड़ पैर में पड़ते थे तो एक्यूप्रेशर के पॉइंट दब जाते थे। जो खून का दौरा रुक जाता वो सही हो जाया करता था। आजकल तो पैसा देकर दबवाते हैं। पहले हाथ की चक्की, कुवें से पानी भरते तो डॉक्टर की कोई जरूरत ही नहीं रहती थी। यदि शुरू से ही इनको सिखा दिया जाए कि जब बुड्ढे हो जाते, नहीं कुछ कर पाते तो मंदिरों में जाकर ताली बजाते थे और हथेली के प्वाइंटों को दबा लिया करते थे। एक्वाप्रेशर की पद्धति अच्छी है, बिना पैसों की है।

हमारे यहाँ लड़के एक्यूप्रेशर सीख कर विदेशों में कर रहे और लोगों को फायदा मिल रहा

हमने तो उज्जैन आश्रम में अस्पताल में खुलवा दिया। गुरु महाराज जी के नाम का 4 मंजिल का बन गया। बहुत से लड़के सीख गए, विदेशों में जाकर के कर रहे हैं। जो रोगी हार चुके थे इलाज करा करके, उनके पास आने लग गए। बहुत शाकाहारी हो गए। ऐसे कहो तो बात नहीं मानते थे। कहते हैं कि शाकाहारी हो जाओगे तो और ज्यादा फायदा करेगा। तब लोग शाकाहारी हो जाते हैं क्योंकि बीमारियां ज्यादा मांसाहार से ही होती हैं।

लड़के-लड़कियों ! हुनर सीख कर आलराउंडर बन जाओ

आप जो नौजवान पढ़े-लिखे हो, नौकरी नहीं मिल रही तो गाड़ी चलाना सीख लो, बिजली का काम सीख लो, खाना बनाना सीख लो। बहुत सी लड़कियां तो खाना बनाना जानती ही नहीं। शादी के बाद ससुराल में जाने पर होने वाले झगड़ा का एक ये भी मुख्य कारण बन जाता है। बहू आती है पर उनकी माता ने तो कुछ सिखाया ही नहीं और वह बुढ़िया सास पारंगत होती हैं, बहु का बनाया पसंद नहीं आता तो कुछ बोल देती है। तो उसका भी एक कारण बन रहा है। इसलिए सीखो। चाहे लड़के हो या लड़कियां हो। इन सब कामों को सीखो तो आप के पास हुनर हो जाएगा। हम ये चाहते हैं नौजवानों! तुम देश के भविष्य हो। तुम सीख लो, ऑलराउंडर बन जाओ। तुम कहीं भी लग जाओ जैसे स्टेपनी पहिया कहीं भी गाड़ी में किसी भी तरफ लगा, ऐसे आलराउंडर बन जाओ।