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✍️ सोम ला कॉलेज में मूट कोर्ट का आयोजन

   रिपोर्ट- बंशीलाल

👉 2 जजों की बेंच के सामने हत्या पर हुई बहस

कौशांबी! सोमचंद द्विवेदी ला कालेज बम्हरौली में लॉ की पढ़ाई करने वाले 50 छात्रों का अंतिम वर्ष में उनकी डिग्री के परीक्षण हेतु मूट कोर्ट का आयोजन किया गया! जिसमें मनीष पांडे एडवोकेट हाई कोर्ट और विनोद कुमार उपाध्याय एडवोकेट हाई कोर्ट की बेंच में सुनवाई की गई! रोहित यादव स्टेनो और अंशिका मिश्रा केस अपील की नियुक्त की गई! इस दौरान दिल्ली में नेहा मर्डर केस की बहस का मामला रखा गया! जिसमें बचाव पक्ष की ओर से सकीना फातिमा इलाहाबाद ने बहस करते हुए बताया कि नेहा नामक महिला का जंगल में कत्ल कर दिया गया! वहीं पर घूम रहे प्रदीप उर्फ गुज्जर को पुलिस ने आरोपी बनाकर चार सीट अदालत में दाखिल किया! इस पर बहस करते हुए सकीना ने 2 जजों की बेंच को बताया कि नेहा मर्डर केस में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था! जंगल में नेहा का शव पाया गया जिसमें किसी दूसरे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया! इसके बाद प्रदीप कुमार को जेल भेज दिया! जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या करने का मामला युवती को लटकाकर मारने का दर्शाया गया है! साफ जाहिर होता है कि युवती नेहा की हत्या किसी दूसरे स्थान पर करके शव को जंगल में जुर्म छुपाने के लिए फेका गया है! शकीला की बहस में यह तत्व सामने आया कि आरोपी युवक निर्दोष है! उसे बाइज्जत बरी किया जाए! बहस के तर्कों का संज्ञान लेते हुए जज मनीष पांडे ने कहा कि डेड बॉडी के पास जो सबूत मिला है वह आरोपी युवक गुज्जर का है! वहीं पर विनोद कुमार उपाध्याय ने बहस को तर्कसंगत बताते हुए कहा कि नेहा की किसी सुनसान स्थान पर रस्सी से लटका कर मरना साबित हुआ है! हत्या का जुर्म छुपाने के लिए उसके शव को जंगल में फेंका गया है इससे साबित होता है कि गुर्जर और निर्दोष है और उसे सशर्त जमानत देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया गया! प्रबंधक सोमचंद द्विवेदी डिग्री कॉलेज बम्हरौली विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि 5 वर्ष का ba.llb इंटर पास होता है वही स्नातक 3 वर्ष की एलएलबी है! प्रति छात्र ₹15000 दाखिला शुल्क जमा करना पड़ता है! छात्रों की परीक्षा के लिए वर्ष में एक बार मूट कोर्ट का आयोजन किया जाता है! इसके अंतर्गत छात्र को कोर्ट के द्वारा यह सिखाया जाता है कि उसे कोर्ट में किस प्रकार से बहस करनी है और किस प्रकार से अपने आरोपी को बचाना है! वहीं पर सिखाया जाता है कि कोर्ट की डिसिप्लिन क्या है कोर्ट में हम अपनी बात कैसे पेश कर सकते हैं और किस प्रकार से अदालत के सामने अपनी बात को रखा जाता है!