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✍️विधायकों की भागदौड़ चालू कट सकता है टिकट

       रिपोर्ट - बंशीलाल

👉कौशांबी। भारतीय जनता पार्टी 2022 के चुनाव को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत कामचोर विधायकों का टिकट कटना मुनासिब समझा जा रहा है। टिकट बंटवारे की सुगबुगाहट से विधायकों ने बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी।

प्रदेश में दूसरी पंचवर्षीय योजना मैं आने के लिए भाजपा पार्टी के नेताओं ने विधायकों के टिकट बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू कर दिया है। सूत्रों का मानना है कि मंझनपुर विधायक और सिराथू विधायक का टिकट कट सकता है। विधायकों को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टिकट बंटवारे को लेकर बड़े नेताओं की गणेश गणेश परिक्रमा शुरू कर दिया है। आरोप है कि भाजपा सरकार विधायकों को दी गई विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा के बाद टिकट बंटवारे पर विचार करेगी। विधायकों द्वारा क्षेत्र के विकास की गति और लोगों को सुविधा पहुंचाने की जांच पड़ताल के बाद ही टिकट का बटवारा मौजूदा विधायकों में हो सकता है। सूत्रों का मानना है कि मंझनपुर विधायक 5 वर्ष में अपने रूखे स्वभाव के कारण जनता में अपनी पैठ नहीं बना पाए। वहीं सिराथू विधायक जनता से दूरी बनाकर रोजी रोजगार में समय लगाने के कारण जनता को विकास योजनाओं से नहीं जोड़ पाए। वहीं पर गरीब मजलूम बेसहारा लोगों के बीच में रोजी रोटी की त्राहि-त्राहि मची रही तो ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा का सिराथू विधायक द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस बात को भी लेकर भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा मंथन किया जा रहा है। वही मंझनपुर विधायक गरीब जनता का शोषण कर उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करके लोगों में आक्रोश पैदा करने का काम किया है। जबकि तीसरे विधायक ने जनता की नुमाइंदगी कर उनको सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराया है। वहीं गरीब बेसहारा लड़कियों की शादी करा कर एक पुण्ड कार्य अर्जित किया है। गरीब बेसहारा महिलाओं व उनकी बच्चियों की पढ़ाई लिखाई का भी जिम्मा चायल विधायक ने उठाया है। चायल विधायक ने 5 वर्ष में मिली विधायक निधि योजना से विकास योजनाओं की झड़ी लगा दिया। गरीब जनता को पेंशन विधवा पेंशन गैस आवास तथा बिजली कनेक्शन से आच्छादित कराया है। जनता में विधायक की प्रशंसा हो रही है।