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जय गुरु देव
22.08.2021
प्रेस नोट 2
रेवाड़ी, हरियाणा

रक्षाबंधन यानी बंधन से रक्षा, गुरु की दया लेकर जीवात्मा की बंधनों से रक्षा करो

रेवाड़ी, हरियाणा। इस समय के पूरे सन्त सतगुरु, जीवों को अपने असली घर सतलोक पहुंचने का रास्ता नामदान देने वाले उज्जैन के बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बवाल आश्रम, रेवाड़ी में 22 अगस्त 2021 को यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित संदेश में बताया कि प्रेमियों समझो! खेल-खेल में ही काम हो जाता है। बच्चों की तरह से आप भी समय-सारणी बनाओ। आप लोग जब प्रचार में जाना, सबको प्रसाद और रक्षा सूत्र देना तो बदले में उनसे किसी भी चीज की इच्छा मत रखना। ये मत सोचना कि ये बड़े आदमी हैं, हमको कुछ पैसा दे देंगे, हमारी संगत को ही मदद कर देंगे। किसी से कुछ मांगना मत। आप इतनी भारी संख्या में हो। आप छोटे लोग हैं, आप लोग बड़े से बड़ा काम कर सकते हो। आज रक्षाबंधन के दिन आपको बता रहा हूं, नीयत अगर आप की अच्छी रही तो पैसे के बगैर कोई काम रुकने वाला नहीं है। लक्ष्मी जी जो रुपया पैसा की दाता हैं, उनकी तरफ से इशारा है कि पैसे की कमी नहीं होने पाएगी। जो काम मैं कर रहा हूं, मेरे लिए इशारा है तो आप भी तो वही काम कर रहे हो। वही काम जो गुरु महाराज जी छोड़ कर के गए, धरती पर सतयुग लाने का। लेकिन सतयुग ऐसे कैसे आएगा? घर में बैठने से सतयुग नहीं आएगा।

योजना बना के निःस्वार्थ भाव से बताओगे, सेवा करोगे तो लोग आपसे जुड़ जाएंगे

योजना तो बनानी पड़ेगी, घर से तो निकलना पड़ेगा। भारत देश में ही कुछ प्रदेश इस तरह के हैं कि जहां पर प्रचार की कमी है। वहां की भी योजना आप लोग बनाओ। जो भी केंद्रीय व्यवस्था के सदस्य हो, संस्था के सदस्य हो, जो भी अपने अपने प्रांतों का काम देखते हो, जो सक्रिय जिलों का काम देखते हो, आप लोग मीटिंग करो और योजना बनाओ। जिन प्रांतों में सत्संगी कम है, जहां प्रचार होना है उनके बारे में भी आप योजना बनाओ कि वहां भी पूजन हो जाए, रक्षा सूत्र पहुंच जाएं, वहां के लोगों को भी जानकारी हो जाए जो जानकारी आप लोगों को है। निस्वार्थ भाव से तुम कोई चीज बताओगे, उनकी सेवा करोगे तो परमार्थी आपको समझ लेंगे, फिर आपकी बातों पर गौर करेंगे, फिर आपकी मिशन को पकड़ लेंगे। जो आपका मिशन धरती पर सतयुग लाने का चल रहा है, उसके लायक वह बन जाएंगे।

युग परिवर्तन के संहार को रोकने के लिए बराबर अभियान चलाओ

देखो युग परिवर्तन जब होता है, बहुत मरते हैं। त्रेता गया तब, द्वापर गया तब, बहुत मरे। सब मर ही जाएंगे तब सतयुग देखेगा कौन? तो सतयुग के लायक लोगों को बनाना है। नहीं मानेंगे तब देखा जाएगा। फिर तो काल भगवान जैसा चाहेंगे वैसा करेंगे। लेकिन आपको तो अभी दया लुटानी है। लोगों के अंदर दया पैदा करके दयालु की दया दिला देनी है। बराबर अभियान चलना चाहिए।

कोई प्रांत न छुटे, संकल्प बनाओ कि हमको कहीं न कहीं पूजन कराना है

हम यह चाहते हैं कोई देश का कोई भी प्रांत न छूटे और शरद पूर्णिमा तक सब जगह पूजन हो जाए। हर जिले में पूजन हो जाए। हिम्मत बढ़ गई लोगों की जब निकल पड़े कि हमको पूजन करना है और कराना है। ऐसे भी कार्यकर्ता का समाचार मेरे पास आया कि ट्रेन में एक जगह से दूसरी जगह जा रहे थे, ट्रेन में बैठे हुए लोगों को समझा दिया और ट्रेन में ही गुरु पूजन करा दिया, वहीं प्रसाद बंटवा दिया। ऐसा संकल्प होना चाहिए कि हमको कहीं न कहीं पूजन कराना है।

समय का दसवां अंश निकालो

देखो रुपया पैसा तो बहुत से लोग खर्च कर देते हैं। रुपया पैसा खर्च कर देते हैं तो गुरु महाराज एक का कई गुना देते हैं उनको। लेकिन लोग समय नहीं खर्च करते हैं। कहते हैं न कि दसवां अंश खर्च कर दो। समय का भी दसवां अंश खर्च करना चाहिए जब कोई अभियान चले तो उसी में समय का दसवां अंश निकाल लो। इतने आदमी हो आप लोग, अभी कितना काम हो जाएगा।

आपमें मान-सम्मान का चक्कर हो तो समकक्ष को ही पूजन करवा दो

हम यह नहीं कहते हैं कि आप बड़े अधिकारी हो, छोटे लोगों के बीच में जाओ। अगर मान सम्मान का आपको चक्कर है तो अपने ही समकक्ष लोगों को ही पूजन करवा दो, उन्हीं को ही नाम ध्वनि बुलवा दो तो आपकी भी हाजिरी लग जाएगी इस अभियान में।

अभियान तेजी से, नियमानुसार, बिना निंदा-बुराई किये, निष्पक्ष होकर चलाओ

तो यह अभियान को आप लोग तेजी से चलाना। प्रेमियों जो लोग ऑनलाइन संदेश सुन रहे हो आप लोग आज से ही सक्रिय हो जाओ। जहां पर पूजन हो रहा है, आपके यहां सब लोग इकट्ठा होकर, आप लोग योजना बना लो। समय परिस्थिति के अनुसार आप लोग कर लो। जहां कोई रोग फैला है, सरकारी रोक-टोक है तो पूरा नियम का पालन करना। आप लोग कोई ऐसा काम मत करना कि सरकार के काम में विघ्न बाधा हो, देश खोखला हो, देश, लोग, धर्म, व्यक्ति- किसी का भी नुकसान हो। आप किसी की निंदा मत करो। आप सब को सम्मान-इज्जत दो। जब आप उनकी आत्माओं को देखोगे,समझोगे तब शरीर से न तो प्रेम ज्यादा होगा न ही घृणा होगी, आप से ज्यादा लोग प्रेम करने लग जाएंगे। जब आप निष्पक्ष रहोगे तो सब लोग आप से प्रेम करने लगेंगे।

अपना आध्यात्मिक प्लेटफॉर्म बनाओगे तो आपकी कीमत रहेगी; गुरु, मिशन और आपका नाम बढ़ेगा

इतिहास उठाकर देख लो। जब-जब महापुरुष आए, औतारिक शक्तियां रही हो, चाहे ऋषि मुनि संत रहे हो, उन्होंने जब सबको प्रेम दिया सबसे प्रेम किया तो उनसे लोग जुड़े रहे। उनसे शिक्षा आपको लेनी चाहिए। गुरु महाराज की शिक्षा आप प्रेमियों को लेनी चाहिए। गुरु महाराज को सब लोग अपना कहते थे- हमारे गुरु महाराज, हमारे गुरु महाराज। औरतें बच्चों को भूल जाती थी, गुरु महाराज जब दर्शन देने के लिए निकलते थे। बच्चे अलग हाथ जोड़ करके खड़े रहते थे। आप समझो अंदर से खिंचाव लोगों का करते थे। वो जीवात्माओं को देखते थे, शरीर की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं रहता था। इसलिए आप बहुत ही ढंग से रहोगे, सजग रहोगे, अलग रहोगे तब आप एक आध्यात्मिक प्लेटफॉर्म बना पाओगे तब आप की कीमत रहेगी, तब आपका मिशन बढ़ेगा, तब आप के गुरु का नाम, आपका नाम बढ़ पाएगा।