भारत पहुंचे 5 लड़ाकू विमान, अगस्त माह में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में होंगे शामिल

फ्रांस से भारत के लिए रवाना हुई राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप अंबाला एयरबेस पर पहुंच गई है. राफेल के भारत पहुंचने से देश की शक्ति में भी इजाफा माना जा रहा है. विमानों के अंबाला एयरबेस पर पहुंचने के बाद खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहहा कि विमान अंबाला सुरक्षित तरीके से उतर चुके हैं. इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने राफेल लड़ाकू विमानों के भारत में आने को देश के सैन्य इतिहास में नए युग शुरुआत बताया है.

फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) की उत्पादन इकाई से राफेल विमानों ने सोमवार को टेक ऑफ किया था. ये विमान करीब 7,000 किलोमीटर की दूरी तय कर अंबाला पहुंचे हैं. इन विमानों में से तीन एक सीट वाले और दो विमान दो सीट वाले हैं. राफेल लड़ाकू विमान एयरफोर्स के 17 वें स्क्वाड्रन का हिस्सा होंगे, जिसका नाम गोल्डन एरोज है. इन राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से अगस्त माह में शामिल किया जाएगा. राफेल के आने के समय अंबाला एयरबेस के आस-पास के इलाकों में धारा 1144 लागू किया गया था, साथ ही राफेल की लैंडिंग के दौरान लोगों को छतों पर एकत्र होने से भी रोका गया था.