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संवाददाता राधेश्याम गुप्ता

सरायखास(बलरामपुर)।।इस महंगाई के दौर में जहाँ महंगे इलाज के चलते गरीब कर्ज मे डूब जाते हैं, वहीं एक ऐसे चिकित्सक के बारे में बता रहे है जो गरीबों का सालों से निःशुल्क इलाज कर रहे हैं। कहा जाता है कि गरीबी का आलम बड़ा अजीब होता है, दिन भर मजदूरी करके पूरे परिवार ने अगर एक समय खाना खा लिया तो दूसरे टाइम के भोजन के लिए सोचना पड़ता है। जब इन हालातों में कोई गरीब बीमारी की चपेट में आता है तो इस महंगाई के दौर में वह सिर्फ ईश्वर को ही याद करता है लेकिन इन गरीबों के लिए आज भी कई मददगार समाज मे हैं, ऐसे ही एक चिकित्सक हैं राम अजोर, जो सालों से गरीबों का निशुल्क इलाज करते आ रहे हैं, उनका मानना है कि इस सेवा से उन्हें धन तो नही मिलता लेकिन बेशकीमती सुकून जरूर मिलता है। बीमारी का जब प्रकोप बढ़ता है तो वे गरीबों का निःशुल्क इलाज कर उन्हें दवाएं भी वितरित करते हैं। वो बताते हैं कि ये प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली है। जनपद बलरामपुर के उतरौला तहसील अन्तर्गत विकाश खंड रेहरा बाजार के सरायखास के रहने वाले डॉक्टर राम अजोर बलरामपुर जिले के सरायखास में करीब 05 वर्षों से निजी क्लीनिक में वरिष्ठ परामर्शदाता हैं। जहां वह मरीजों की जांच व इलाज के साथ दवाएं भी निशुल्क देते हैं। लगभग पाँच सालों से डॉक्टरी के क्षेत्र से जुड़े डॉक्टर राम अजोर कहते हैं कि उन्होंने इस काम को कभी व्यापार नहीं बनाया। ईश्वर ने गरीबों की मदद करने के काबिल बनाया है तो करता हूं। इससे मानसिक सुख मिलता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता गंगाराम गांव मुबारकपुर (कहरपुरवा) में रहते है। बताते हैं कि उनके दिए संस्कारों की बदौलत ही वह खुद लगभग 05 वर्षों से अपना प्राइवेट अस्पताल चला रहे हैं। जो गरीबों के इलाज में तल्लीन रहते हैं। अभी हाल में ही डॉक्टर राम अजोर ने लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास किया था। जिसके क्रम में उनका होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर सिद्धार्थनगर जनपद के परसा नौगढ़ में नियुक्ति हुई है।