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मोदी सरकार ने फसल बीमा योजना के 95,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान कर किसानों को दी राहत : कैलाश चौधरी

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान अमरावती (महाराष्ट्र) से सांसद श्रीमती नवनीत रवि राणा और बांसवाड़ा (राजस्थान) से सांसद कनकमल कटारा सहित कई संसद सदस्यों के खेती किसानी से जुड़े विभिन्न सवालों के दिए जवाब

दिल्ली/जयपुर/बाड़मेर-जैसलमेर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान अमरावती (महाराष्ट्र) से लोकसभा सांसद श्रीमती नवनीत रवि राणा और बांसवाड़ा (राजस्थान) से सांसद कनकमल कटारा सहित कई संसद सदस्यों के खेती किसानी से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब दिए। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पौधों की नई किस्में उगाने, किसान उत्पादक संगठनों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर संसद पटल पर प्रस्तुत किया।

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अन्नदाता किसान भाइयों के हितों का संरक्षण व संवर्धन सतत सुनिश्चित हो रहा है। प्राकृतिक आपदाओं की अनिश्चितताओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वन उसका सफल उदाहरण है। कैलाश चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बजटीय आवंटन 2013-14 में ₹ 2,598.35 करोड़ से बढ़ाकर 2021-22 में ₹ 16,000 करोड़ किया गया है। वहीं देशभर में गठित होने वाले 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) कृषि समृद्धि और किसानों की आय दोगुनी करने का माध्यम बनेंगे।

फसल बीमा योजना में मोदी सरकार ने हासिल किया मील का पत्थर : केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्रत्येक किसान को सुरक्षा कवच प्रदान करना है। इस योजना ने किसानों को 95,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान कर एक मील का पत्थर हासिल किया है। कैलाश चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के क्रियान्वयन में राज्य सरकारों और बीमा कंपनियों की अहम भूमिका है। यह इस मेहनत का ही नतीजा है कि पिछले चार वर्षों में किसानों द्वारा 17 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया गया, जिसके एवज में दावों के रूप में उन्हें 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश में इस योजना का विस्तार करने की जरूरत है ताकि इसका दायरा बढ़ाया जा सके और अधिक किसानों को लाभ मिले।