जालौन, राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 135 वी जयंती पर किया गोष्ठी का आयोजन

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राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद ने किया संगोष्ठी का आयोजन उरई जालौन स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 135वीं जयंती पर आज राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद चैप्टर जालौन एवं कायस्थ सेवा समिति उरई के तत्वावधान में स्टेशन रोड पर स्थित किड्स पैराडाइज मैं एक संगोष्ठी हुई जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया ।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कायस्थ सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ विवेक सक्सेना ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 में बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था वे स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ पंजवाहरलाल नेहरु की सरकार में खाद्य एवं कृषि मंत्री भी रहे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता सक्सेना ने कहा कि कायस्थ समाज के महान विचारक एवं स्वतंत्रता सेनानी पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के विचार आज भी प्रासंगिक है ।उन्होंने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद गांधीजी के मुख्य शिष्यों में से एक थे उन्होंने भारत की आजादी के लिए प्राण तक न्योछावर करने की ठान ली थी ।नमक तोड़ो एवं भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें जेल यातनाएं भी सहनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को डॉ राजेंद्र प्रसाद के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर गिरीश श्रीवास्तव, कामेंद्र श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव, प्रशांत सक्सेना, आलोक सक्सेना ,आशीष श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव ,अरुणा सक्सेना आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। up fight times के लिए सुधीर कुमार के साथ बबलू सिंह की रिपोर्ट

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