मदरसा प्रबंधक ने बेटे व बहू के साथ खुद को भी नियुक्त कर लिया शिक्षक

0
663

मदरसे में अपने ही दो पुत्र बहू को नियुक्त कर लिया विज्ञान अध्यापक 

रिपोर्ट नसरुल्लाह अंसारी 

   ✍

मदरसा प्रबंधक अपने परिवार में ही ले रहा है तीन विज्ञान अध्यापको का सरकार से मिलने वाले मान्देय

मदरसे की आड़ में संचालित किया है प्राइवेट स्कूल

कुशीनगर । जांच के बाद भी नही बदले मदरसों की मनमानी एक मामला प्रकाश में आया है जहाँ प्रबंधक अपने भाई को मदरसे में विज्ञान अध्यापक नियुक्त किया है तो अपने भाई की पत्नी को विज्ञान अध्यापक तो स्वयं भी प्रबंधक के साथ साथ विज्ञान अध्यापक का मान्देय ले रहा है और परिवार में भी दिलवा रहा है । जानकारी के अनुसार कसया तहसील के शिवपुर बुजुर्ग में मदरसा वकिल वारसी पब्लिक स्कूल का है जहाँ मदरसे के प्रबंधक अब्दुल कलाम है प्रबंधक के साथ साथ प्रधानाचार्य और विज्ञान अध्यापक भी मदरसे में नियुक्त है ।प्रबंधक के सगे भाई इमाम हसन बतौर विज्ञान अध्यापक पद पर नियुक्त है तो दुसरी तरफ इमाम हसन की पत्नी नाहिद खातून भी विज्ञान अध्यापक पद पर नियुक्त होकर घर बैठे मान्देय प्राप्त कर रहे हैं । इसकी शिकायत पर तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 6 मार्च 2018 को दिये अपने रिपोर्ट में बताया हैं कि प्रबंधक का कोई सगे संबधि मदरसे में नियुक्त नही है । अल्पसंख्यक ने अपनी दूसरी रिपोर्ट 21 मार्च 2018 में बताया कि प्रबंधक जमीला खातून द्वारा विज्ञान अध्यापक अब्दुल कलाम की नियुक्ति की गई थी जो विज्ञान अध्यापक अब्दुल कलाम की बहन है ।

अल्पसंख्यक अधिकारी ने ये भी संतुष्टी अपनी रिपोर्ट में कर दी कि प्रबंधक अपने सगे संबधियो की नियुक्ति कर सकता है उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेस में सीधे निर्देस जारी है की प्रबंधक अपने किसी भी मदरसे में सगे संबंधियों की नियुक्ति नही कर सकता है । जब की प्रभारी उपजिलाधिकारी अजय नारायण ने अपने जांच रिपोर्ट में बताया हैं की प्रबंधक अब्दुल कलाम पुत्र वकिल वारसी ईमाम हसन पुत्र वकिल वारसी नाहिद खातून पत्नी ईमाम हसन मदरसे में विज्ञापन अध्यापक पद पर कार्यरत हैं

सरकार द्वारा समय समय पर अध्यापको को मान्देय दिया जाता हैं मदरसे में नियुक्त परिवार के अध्यापको को रखना राज्य सरकार के शासनादेश के विरुद्ध हैं तो दूसरी तरफ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की मनमानी हैं ।पूरे मामले में अधिकारियो की भ्रस्ट्राचार की बू आ रही है जो बनाये गये मदरसे के शासनादेश के विरुद्ध संचालित कराया जा रहा है । जिले के कई अधिकारियो ने मदरसे की जांच किया है किसी ने स्थलीय किया तो किसो ने बैठे बैठे रिपोर्ट लगा दिया सबसे बड़ी सवाल ये है कि सभी अधिकारियो की जांच रिपोर्ट भिन्न-भिन्न है । सभी जांच रिपोर्ट देखने के बाद ये साफ जाहिर होता है की जिले मे अल्पसंख्यक विभाग में कितनी भ्रस्ट्राचार हैं । जिलाधिकारी कुशीनगर का कहना है चुनाव बाद गंभीरतापूर्वक स्थलीय जांच कर कार्यवाही किया जाएगा ।

यूपी फाईट टाईम्स के लिये कसया से नसरुल्लाह की खास रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here