अमरावती महाराष्ट्र*कोरोना रोग कुदरत का ट्रेलर है, पिक्चर तो आगे चालू होने वाली है:*बाबा उमाकान्त जी महाराज

अमरावती महाराष्ट्र*कोरोना रोग कुदरत का ट्रेलर है, पिक्चर तो आगे चालू होने वाली है:*बाबा उमाकान्त जी महाराज**अमरावती महाराष्ट्र* विश्व विख्यात परम ससन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 7 फरवरी 2021 को बाबा जय गुरु देव आश्रम, अमरावती, महाराष्ट्र में सत्संग सुनाते हुए देश और दुनिया के लोगों को संदेश देते हुए बताया कि अगर शराब और मांस लोगों ने नहीं छोड़ा तो अपराध से बच नही सकते हैं। अपराध शरीर से होते रहेंगे, मन उसी तरह का कामी, क्रोधी हो जाएगा, अज्ञानी हो जाएगा, जानवर, पशुओं जैसे व्यवहार आदमी करने लगेगा।*प्रकृति के नियम के खिलाफ काम मत करो, नहीं तो वह सजा दे देगी*प्रकृति के नियम के खिलाफ आदमी काम करने लगेगा तो प्रकृति सजा दे देगी। मैं तो सब जगह जाता हूं, उत्तराखंड में जाता हूं, सब जगह जाता हूं तो वहां पर भी बोलता हूं कि छोड़ दो।* कहती धरती सोचो आप।मेरे ऊपर करो ना पाप।।नहीं तो करवट लूंगी।करूंगी नाश, करूंगी नाश, करूंगी नाश।।*मांस-शराब छोड़ दो, यह देव भूमि है, तपस्वी भूमि हैं। यहां पर ऋषि-मुनियों ने तपस्या किया, इस धरती को जगाया और तुम इस धरती को गंदा कर दे रहे हो। अभी देखो! वहां आंधी-आफत आ गई, हजारों लोग मर गए। अब आप लोग यह समझो यह सब क्या है? कर्मों की सजा।*मांस खाने वाले लोग सावधान हो जाएं*कुदरत का ट्रेलर। ट्रेलर जानते हो आप लोग? सिनेमा देखने वाले जानते होंगे। आधी पिक्चर जब खत्म हो जाती है तो इंटरवल होता है। आने वाली पिक्चर का कुछ हिस्सा दिखाते हैं कि इसको देख कर के, जब पिक्चर लगे तो फिर इसको देखने आना। यह तो कुदरत का ट्रेलर है। पिक्चर तो आगे चालू होने वाली है। इसलिए भाई जो आप मांस खाते हो, मांस मत खाओ। बच्चियों! घर में आना नहीं चाहिए। मांस को काटने वाले, लाने वाले, बनाने वाले, खाने वाले, खिलाने वाले, सबको बराबर पाप लगता है।*पाप से बचो, पाप समुद्र में भी नहीं समाता है* पाप से बचो, बुरे कर्म से बचो। यह सब बुरा कर्म है। मानव मंदिर को गंदा मत करो। यह पूजा एवं इबादत के लिए उस मालिक, भगवान ने दिया है। आप मिट्टी और पत्थर का मंदिर बनाते हो। उसमें कोई जाए और मुर्दा-मांस डाल दे, गंदी चीज डाल दे तो पूजा करोगे? कहोगे जगह अपवित्र हो गई।कहोगे पूजा करेंगे तो कुबूल नहीं होगी। कितना भी पूजा-पाठ कर लोगे, इस तरह से प्रार्थना कर लोगे, पूजा क़बूल होने वाली नहीं है, सुनवाई होने वाली नहीं है।जयगुरुदेव*परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज,आश्रम उज्जैन,मध्य प्रदेश,भारत*