बलरामपुर जेल में बंद पूर्व सपा विधायक सादुल्लाहनगर व भू-माफिया आरिफ अनवर हाशमी की संपत्ति कुर्क

बलरामपुर जेल में बंद पूर्व सपा विधायक सादुल्लाहनगर व भू-माफिया आरिफ अनवर हाशमी की संपत्ति कुर्क

बलरामपुर जेल में बंद पूर्व सपा विधायक सादुल्लाहनगर व भू-माफिया आरिफ अनवर हाशमी की संपत्ति कुर्क

PUBLISHED ON DECEMBER 11, 2020BY ADARSH

संवाददाता राधेश्याम गुप्ता

उतरौला/बलरामपुर,।उत्‍तर प्रदेश के बलरामपुर में जिला प्रशासन ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे पहले गांधीनगर स्थित डिग्री कॉलेज की कुर्की की प्रकिया शुरू की गई है। शुक्रवार सुबह कोहरे के बीच भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम की मौजूदगी में ढोल-नगाड़े के साथ विधायक की संपत्ति को जब्‍त किया गया। एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने बताया लगभग करोड़ों से अधिक की अचल संपत्ति कुर्क की जानी है।
तीन माह से जेल में हैं पूर्व विधायक सादुल्लाहनगर आरिफ अनवर हाशमी
खलिहान की जमीन के अभिलेखों में हेराफेरी कर कब्जा करने के आरोप में सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को पांच सितंबर को पुलिस ने उन्हें सादुल्लाहनगर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बताते हैं कि सादुल्लाहनगर के लोगों ने वर्ष 2018 में खलिहान की जमीन को अपने नाम कराने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रभारी मंत्री सुरेश राणा से शिकायत की थी। मंत्री के आदेश के बाद डीएम कृष्णा करुणेश ने जांच कराई। आरोप सत्य पाए जाने पर सादुल्लाहनगर थाने में पूर्व विधायक व तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय से अरेस्ट स्टे ले लिया गया था। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने पुलिस के साथ पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को गिरफ्तार कर लिया। जेल में बंद होने के बाद से अब तक पूर्व विधायक पर नौ मुकदमे दर्ज कराया जा चुका है।
दो बार रह चुके हैं सपा से विधायक आरिफ अनवर हाशमी
दो बार समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुके हैं। पहली बार वर्ष 2007 से 2012 तक सादुल्लाहनगर विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उतरौला विधानसभा में वर्ष 2012 से 2017 तक विधायक रहे।
घोषित हो चुके हैं भू माफिया गिरोह का सरगना
जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को भू माफिया गिरोह का सरगना घोषित किया जा चुका है। अवैध रूप व अभिलेखों में हेरफेर से सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने के मुकदमे दर्ज हैं। अपराधिक तरीके से एकत्र की गई संपत्ति कुर्क की जा रही है।