बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कोरोना जैसी महामारी से बचने के बताए उपाय

जयगुरुदेव

उज्जैन, मध्य प्रदेश

बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कोरोना जैसी महामारी से बचने के बताए उपाय

आयुर्वेदिक महाऔषधीय पौधों, स्व मूत्र, गौ सेवा, गौमूत्र के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रोग नाशक गुण

विश्वविख्यात परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 27 अप्रेल 2021 को यूट्यूब चैनल JaigurudevUKM के ऑनलाइन माध्यम से कोरोना महामारी से बचने के लिए महौषधियों के बारे में बताते हुए कहा कि ये नीम, तुलसी, त्रिफला, त्रिकुटा, सौंठ ये सब महाऔषधियां है। इनको गमले में लगा लो या खेती कर लो। ये सब आगे काम आएंगी। महाराज जी ने ये भी बताया कि आयुर्वेद में गौ मूत्र के साथ स्वमूत्र को भी मान्यता दी गई है और इसे मनुष्य के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। गौसेवा से भी बहुत लाभ है।

प्राकृतिक में सारी चीजें हैं। जब सत्संग मिलता हैं तो संतों से जड़ी-बूटियों की भी हो जाती है जानकारी

महाराज जी ने बताया कि तत्वों की कमी आ गई, जिससे शरीर के अंदर रोग को हराने की शक्ति थी, ताकत थी, उसमें कमी आ गई। उसके लिए जड़ी बूटियों के लिए आपको पहले बताया गया था। सारी चीजें इसी प्रकृति में हैं। सब कुछ कुदरत ने बना रखा है। जानकारी की जरूरत होती है। जब सत्संग मिलता है तो संतो से इन चीजों की जानकारी हो जाती है। संतो ने ही सारी चीजों को बताया, ऋषि-मुनियों ने सारी चीजों को बताया। इजहार उन्होंने ही किया। अब जिसको जानकारी हो गई, इनको कूट-पीस करके तैयार कर लिया, दवा बना लिया, वही वैद्य हो गए, वही हकीम हो गए, वही डॉ हो गए।

9 मार्च 2020 को महाराज जी ने होली कार्यक्रम में उज्जैन आश्रम से देश दुनिया के लोगों को जड़ी बूटियों की खेती करने के लिये कहा था

महाराज जी कहा कि आप प्रेमियों! देखो याद रखो पुरानी बातों को। 1 साल से ऊपर हो गया। पिछले साल इसी स्थान पर होली के कार्यक्रम में आपको बताया गया था। उसमें बहुत सारी बातें बता दी गई थी। उस समय यह भी आपको बताया गया था कि यह जो मनुष्य शरीर के लिए उपयोगी हैं, उन पौधों को लगाओ।
महाराज जी ने बताया कि एक अपने ही प्रेमी ने एक अन्य प्रेमी का हालचाल लिया। तो कहा हमारे यहां सब घर वाले स्वास्थ्य है। महाराज जी ने कहा था हमने वो सारे पौधे लगा लिए। अब कहीं खोजने भी नहीं जाना पड़ता कोरोना के टाइम पर। गमले में ही लगा लिया, घर में ही। शहरों में रहते हैं। गमले में सब लगा लिया और हम सब लोग पत्ती खा लेते हैं। सब पौधे हमने लगा लिये।

गाय का मूत्र और तुलसी का पौधा, नीम का पेड़ ये महाऔषधियों में है

महाराज जी ने कहा कि आपको बताया गया था कि पौधों को लगाओ। जैसे तुलसी का पौधा है, नीम का पेड़ है। यह सब, इनकी पत्तियां जो है, इनकी हर चीज उपयोगी है। जला दो, कच्चा इस्तेमाल करो, पका के इस्तेमाल करो, भूजकर करके, कैसे भी करो, ये महाऔषधियां हैं। जैसे गाय का मूत्र है, बेलपत्र हैं। इनका असर खत्म नहीं होता है। यह सब महा औषधियां हैं।

त्रिफला और त्रिकुटा महाऔषधियां, आयुर्वेद में विशेष महत्त्व वाली चीजें हैं

महाराज जी ने बताया कि त्रिफला है, आंवला है इन सब चीजों को लगाओ। जिनके पास खेती है, आप इन के पौधों को लगाओ, तैयार करो। आगे चलकर के इनकी जरूरत पड़ेगी। त्रिकुटा है। सोंठ किसका बनता है? यही अदरक की खेती होनी चाहिए, आप यह समझो उसका सोंठ बन जाएगा। यह काली मिर्च होती है, पीपली है, त्रिकुटा-त्रिफला यह सब महा औषधियों में हैं, आयुर्वेद में विशेष महत्त्व वाली चीजें हैं।

मनुष्य का पेशाब सबसे ज्यादा गुणकारी है

आप यह देखो गऊ पालना लोगों ने बंद कर दिया। गऊ का गोबर गुणकारी है। गऊ का पेशाब गुणकारी है। जैसे मनुष्य का पेशाब ही बहुत ही गुणकारी है। सबसे ज्यादा गुणकारी मनुष्य का पेशाब ही है। अब इसकी विधि मालूम होनी चाहिए। कैसे क्या प्रयोग करना चाहिए। उसके लिए जानकारी समय-समय पर करा दी जाती है।

बराबर गऊओं के पास रहने से आदमी के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है

प्रेमियों! इसी तरह से गौमूत्र बहुत फायदा करता है। गऊ का गोबर है। गऊ के शरीर का जो गंध निकलता है इससे भी कीड़े नाश होते हैं। गऊ की सेवा अगर करते रहे बराबर, गऊओं के पास रहे तो भी आदमी के अंदर रोग की प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है। तो सब चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है।

।।जय गुरु देव।।
परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज
उज्जैन (म.प्र)भारत