बरेली:कोविड-19 के इस मुश्किल वक्त में सभी धार्मिक यात्रायें वैसे ही प्रभावित थी,जिसका सीधा असर अब हमारी अर्थव्यवस्था पर भी पडा है

रिपोर्ट-सूरज सागर

बरेली-समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा बरेली के जिलाअध्यक्ष असलम खांन ने बताया कि सरकार के नये नियमों के अनुसार धार्मिक यात्राओं पर टैक्स लगाना बिल्कुल ही ठीक नहीं है,मुस्लिम समुदाय में हज यात्रा को बहुत ही मुकद्दस यात्रा माना गया है, हज पर जाने के लिए मजदूर तबके के लोग एक-एक पैसा इकट्ठा करके जीवन में एक बार हज यात्रा करते हैं, यदि उन्हें आय का स्रोत और टैक्स भरना पड़ेगा तो हज यात्राएं प्रभावित होंगी और इसका सीधा असर हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा क्योंकि इस हज यात्रा से हमारे देश की केंद्र सरकार को अच्छा लाभ मिलता है,मगर सरकार की इस नीति से ऐसा लगता है कि सरकार जजि़या कर की प्रथा लगाना चाहती है.

यदि सरकार ने इन नियमों को लागू किया तो बहुत से लोग धार्मिक यात्रा नहीं कर पाएंगे, सरकार से अनुरोध है कि धार्मिक यात्राओं को टैक्स मुक्त रखा जाए और हज यात्रा को आसान और सरल बनाने के लिए सरकार नियम बनाये ।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी जी ने कहां की वर्तमान की नरेंद्र मोदी सरकार इस काले कानूनों को लागू कर इस माध्यम से मुगल शासन काल के जजिया कर की याद दिलाते हैं ।

इस मौके पर मौजूद रहे समाजवादी अल्पसंख्यक सभा बरेली के जिला अध्यक्ष असलम खान, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मंयक शुक्ला मोंटी,मोहम्मद फैजान रजा, अब्दुल जब्बार,परमिन्दर सिंह भाट, मुशाहिद खान, लखपत खान, तस्लीम खान, यामीन खान, रेहान, महबूब अली,शाकिर अन्सारी,हसीब अहमद सलमानी,नाजिम कुरैशी आदि।