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भाकियू ने राष्ट्रीय एकता विचार संगोष्ठी आयोजित कर सरदार बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

रिपोर्ट प्रमोद यादव जयसिंहपुर सुलतानपुर तहसील क्षेत्र के कैलाश धाम मंदिर पिंडोरा में पखवारा दिवस व राष्ट्रीय एकता विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष बाबा संदीप श्रीवास्तव ने मुख्यतिथि के रूप में मौजूद रहे मंदिर के प्रांगण में मुख्य अतिथि बाबा संदीप श्रीवास्तव ने सरदार बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके द्वारा किए गए कार्यों पर से प्रकाश डाला। श्री श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता व अखंडता के प्रतीक रहे। हिन्दुस्तान को आजादी मिलने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल की पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। यही कारण है कि वल्लभभाई पटेल की जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस ( National Unity Day ) के तौर पर मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में मनाया गया था। सरदार पटेल आजादी के बाद देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी थे।1.सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे।महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लिया।2 स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में था। उन्होंने 1928 में हुए बारदोली सत्याग्रह में किसान आंदोलन का सफल नेतृत्त्व भी किया।3 लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे।4.स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लोगों को विस्तार से जानकारी दें।