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जय गुरु देव

13.10.2021
प्रेस नोट
सीकर, राजस्थान

इतिहास उठाकर के देख लो भारत जैसे धर्म परायण देश मे जब-जब मां बहन बेटी की पहचान आंखों से खत्म हुई तब-तब विनाश हुआ।

लोगों में शराब-मांस जैसी बुरी आदतों को छुड़ाने और चरित्रवान बनने की शिक्षा देने वाले समय के पूरे महात्मा बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 19 अक्टूबर 2018 को सीकर राजस्थान में दिये संदेश में बताया कि रावण बहुत विद्वान था लेकिन उसका चरित्र क्यों खराब हो गया? क्योंकि वह मांस खाता और शराब पीता था तो उसकी बुद्धि खराब हो जाती थी। इसी वजह से दूसरे की मां-बहन-बेटी को गलत नजर देखता था। इन्हीं तीन बुराइयों ने उसका सर्वनाश कर दिया।

“एक लाख पूत सवा लाख नाती,
ता रावण घर दिया ना बाती”
रावण पुलस्त्य ऋषि का नाती था। नाती होने के नाते (कारण) एक बार उन्होंने कहा चलो घूम आवे, नाती का हालचाल ले आवे। तो जहां पर तपस्या करते थे वहां से चल दिए। जब पहुंचे तो बहुत खुश हो गया रावण। गया। दिखाया। कहां ये मेरी यज्ञशाला है। यज्ञ भी करता था, बच्चों को नि:शुल्क पढ़ावाता भी था। कहा यह मेरी पाठशाला है?

कितना भी ताकतवर इंसान रहा हो, भगवान के आगे उसकी भी नहीं चली इसलिए उसके नियम को मत तोड़ो।
चरित्रवान, संस्कारवान बनो। हिन्सा हत्या व आत्महत्या कभी मत करो।

स्वास्थ्य सही रहे, मांसपेशियां मजबूत हो जाएं, नसों में खून का दौरा वह बराबर चलता रहे, इसके लिए लोग व्यायाम करते हैं। तो व्यायामशाला भी बनवा रखा था, कि जिससे स्वास्थ्य ठीक रहे। लोग योगा करते हैं, कसरत करते हैं। क्यों? क्योंकि स्वास्थ्य ठीक रहे, शरीर मजबूत रहे। गर्मी, ठंडी अगर मौसम में ज्यादा पड़ जाए तो इसको वह बर्दाश्त कर ले। तो उसकी व्यायामशाला भी थी, प्रयोगशाला थी। नई-नई चीजों का खोज करवाता रहता था जैसे इस समय पर प्रयोगशाला है ऐसे उसकी प्रयोगशाला थी। तो एक तरफ से उसने पुलसत्य ऋषि को दिखाना शुरू किया कि यह हमारी यज्ञ शाला है, यह व्यायामशाला है, यह पाठशाला है। गऊओ को भी पाल के रखा था। कहा यह हमारी गौशाला है। सारी शालायें दिखा दिया। तो पुलस्त्य ऋषि ने कहा तेरी चरित्र साला किधर है? तो चुप हो गया। क्योंकि चरित्र उसका अच्छा नहीं था?

ध्यान दे, बच्चे और बच्चियों का चरित्र का गिरना भारत जैसे धार्मिक देश के लिये खतरनाक होगा।

अब रावण का चरित्र क्यों खराब हो गया? क्योंकि वह मांस खाता था। तो मांस जब खाता था और शराब पी लेता तो शराब और मांस की वजह से उसकी बुद्धि खराब हो जाती थी। दूसरे की बहन, बहु, बेटियों को गलत नजर देखने लगता था। इसी तीन बुराइयों ने उसका सर्वनाश करा दिया।