भ्रष्टाचार के अंतिम पायदान पर है विकासखंड छपिया नियम विरुद्ध हो रहा है ग्राम पंचायतों का आवंटन

भ्रष्टाचार के अंतिम पायदान पर है विकासखंड छपिया नियम विरुद्ध हो रहा है ग्राम पंचायतों का आवंटन

युपी फाइट टाइम्स की टीम द्वारा विकासखंड छपिया मे जाकर सूचनाएं एकत्रित की गई तो जानकारी हुई कि सबसे अधिक भ्रष्टाचार विकासखंड छपिया के 10 से अधिक ग्राम पंचायतों में तैनात सचिव हरिनारायण सिंह द्वारा किया जा रहा है विकासखंड के दीवार पर अंकित आवंटित ग्राम पंचायत अधिकारियों के ग्रामो की सूची देखा तो जानकारी मिली कि विकासखंड छपिया में 13 सचिव तैनात है जिसमें अन्य को 5 से 7 ग्राम पंचायत तथा हरिनारायण को 11 ग्राम पंचायत आवंटित है रानीजोत,खालेगांव, घनश्यामपुरग्रांट ,लक्ष्मी नगर ग्रांट, तेजपुर,हथिनी खास,मकाेईया, तिलैया,वीरापुर, हथिनी खास,सकदरपुर और सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को पांच से सात ही ग्राम आवंटित किया गया है उक्त प्रकरण पर रिपोर्टर द्वारा छपिया में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी जयकुमार,देवेश श्रीवास्तव ,राम मोहन ,किरण पांडे आदि से पूछा गया कि आप को कम ग्रामपंचायत क्यों आवंटित है तो लोगों ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम आवंटन का प्रस्ताव डी पी आर ओ को भेजा जाता है हरिनारायण सिंह का नाम प्रमुखता से भेजा गया तो उन्हें अधिक ग्राम आवंटित है।


नाम न छापने की शर्त पर ब्लॉक कर्मचारियों ने बताया की हरी नारायण सिंह के द्वारा 9 माह में नब्बे लाख रुपए का आहरण ग्राम पंचायत- रानीजाेत में किया गया है
90 लाख रुपया निकाल कर खर्च करने की बात जब रिपोर्टरों की टीम द्वारा रानीजाेत की जनता से पूछा गया तो लोगों ने बताया की पैसा ग्राम पंचायत अधिकारी हरिनारायण सिंह ने डकार लिया विकास दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है तमाम लोगों ने जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त कर शिकायत करने की बात कही
ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ तैनात एक रोजगार सेवक ने बताया की छपिया विकासखंड में 2 वर्ष तैनाती कार्यकाल में दसों ग्राम पंचायतों से मिलाकर हमारे साहब द्वारा(7) करोड़ रुपए से अधिक का आहरण साहब कर चुके हैं तथा दबी जुबान उसके द्वारा यह भी बताया गया की कार खरीदते समय हरिनारायण ने सभी प्रधानों से कहा कि हमें गाड़ी खरीदनी है सभी चेक पर हस्ताक्षर कर दो हम अगली बार अर्जेस्ट कर देंगे उसको लेकर कुछ ग्राम प्रधानों में असंतोष भी है हरिनारायण द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार तथा नियम विरुद्ध इनको अधिक ग्राम आवंटन पर डीपीआरओ से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया तथा समाचार चैनलों के द्वारा इसके भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की सूचना प्राप्त हुई है जनपद स्तर से टीम गठित कर इसकी जांच अवश्य कराई जाएगी उक्त प्रकरण पर रिपोर्टर द्वारा मुख्य विकास अधिकारी गोंडा से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया तथा समाचार पत्र के माध्यम से प्रकरण संज्ञान में आया है टीम गठित कर इसको आवंटित ग्रामों की जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी।

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